Air India ने की एविएशन सेक्टर की सबसे बड़ी डील, एयरबस और बोइंग को दिया 540 प्लेन का ऑर्डर

Air India ने एयरबस और बोइंग के साथ सौदा किया है। यह अभी तक की सबसे बड़ी कॉमर्शियल डील है। टाटा संस के मालिकाना हक वाली कंपनी एयर इंडिया आने वाले वक्त में लोकल एयरलाइन कंपिनियों के साथ साथ इमाइरेट्स जैसी बड़ी एयरलाइन को टक्कर देने की तैयारी कर रही है। इस डील के सहारे एयर इंडिया एक बार फिर से एविएशन स्केटर पर अपना दबदबा बनाना चाहती है

अपडेटेड Feb 10, 2023 पर 11:37 PM
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Air India ने की एविएशन सेक्टर की सबसे बड़ी डील, एयरबस और बोइंग को दिया 540 प्लेन का ऑर्डर

एयर इंडिया (Air India) ने एविएशन सेक्टर के इतिहास की अबतक की सबसे बड़ी कमर्शियल डील की है। टाटा ग्रुप के मालिकाना हक वाली एयरलाइन ने एयरबस (Airbus) और बोइंग (Boeing) को 500 से भी अधिक विमानों का ऑर्डर दिया है। यह एविशन सेक्टर में विमानों के खरीद के लिए दिया गया अब तक का सबसे बड़ा ऑर्डर है। इस डील के सहारे एयर इंडिया एक बार फिर से आसमान पर अपने खोए हुए दबदबे को वापस हासिल करना चाहती है। साथ ही वह आने वाले वक्त में घरेलू एयरलाइन कंपनियों के साथ साथ (Emirates) जैसी बड़ी एयरलाइन कंपनियों को भी टक्कर देने की तैयारी कर रही है।

एयर इंडिया की मंशा इस डील के चलते फ्यूल एफिशियंट बनने की भी है यानी वह अपने फ्यूल से जुड़े खर्च को घटाना चाहती है। मीडिया में चल रही खबरों के मुताबिक एयर इंडिया ने एयरबस और बोइंग के साथ डील कर ली है और इस बारे में अगले हफ्ते तक कंपनी आधिकारिक ऐलान कर सकती है।

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एयरबस और बोइंग से इतने प्लेन खरीदेगी एयर इंडिया

मिली जानकारी के मुताबिक एयर इंडिया और एयर बस के बीच 250 विमानों के लिए सौदा तय हुआ है। एयर बस भारतीय एयरलाइन को 210 सिंगल-आइल मॉडल वाले विमान (A-320) और 40 चौड़ी बॉडी वाले विमान (A-350s) सौंपेगी। वहीं एयर इंडिया ने बोइंग को 290 विमानों का ऑर्डर दिया है। बोइंग एयर इंडिया को अपने मैक्स-737 मॉडल वाले 190 विमान और 787 ड्रीमलाइनर वाले 20 विमान सौंपेगी। हालांकि इन ऑर्डरों में बदलाव भी हो सकता है। एयर इंडिया, एयरबस और बोइंग ने इस बारे में कुछ भी बयान देने से इंकार कर दिया।


एयर इंडिया के फ्यूल खर्चों में आएगी कमी

एयर इंडिया की पैरेंट कंपनी टाटा संस महीनों पहले से इस डील की प्लानिंग कर रही थी। ऐसी उम्मीद की जा रही है कि इस डील के बाद एयर इंडिया को अपने फ्यूल से जुड़े खर्चों को कम करने में सहायता मिलेगी। इसके अलावा एयर इंडिया का इरादा इस डील के सहारे 1900 के दशक की अपनी पुरानी प्रतिष्ठा को दोबारा वापस हासिल करने का भी है। एयर इंडिया अपने नए बेड़े के साथ एमिरेट्स और कतर एयरवेज जैसी बड़ी अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस को भी चुनौती देने की तैयारी में रही है।

कोविड के बाद एयरलाइंस खुद को कर रही हैं अपग्रेड

बता दें कि कोविड महामारी खत्म होने के बाद एयरलाइन कंपनियां खुद को अपग्रेड करके अपने बिजनेस को वापस पटरी पर लाने में जुटी हुई हैं। चीन ने भी अपने सख्त लॉकडाउन नियमों में ढील देना शुरू कर दिया है और अपनी सीमाओं को खोल दिया है। इसके चलते इंटरनेशनल यात्राओं में तेजी आई है। साथ ही इस साल हवाई उड़ानों की संख्या को कोविड से पहले के स्तर पर वापस पहुंचने की उम्मीद है। इन सबका लाभ उठाने के लिए एयर इंडिया अपने बेड़े में विमानों की संख्या को बढ़ाना चाह रही है।

 

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