Air India: टाटा ग्रुप के स्वामित्व वाली एयर इंडिया ने अपने कर्मचारियों को रिवॉर्ड देने और टैलेंट को साथ बनाए रखने के लिए एक बड़ी स्कीम का ऐलान किया है। कंपनी ने 'परफॉर्मेंस-लिंक्ड स्टॉक ऑप्शन प्लान' (PSOP) 2026 पेश किया है, जिसके तहत पात्र कर्मचारियों को ग्रोथ के बदले कंपनी के शेयर्स दिए जाएंगे। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब एयर इंडिया घाटे से उबरने और खुद को एक मुनाफे वाली वैश्विक एयरलाइन बनाने की कोशिश कर रही है।
क्या है यह स्कीम और किसे मिलेगा फायदा?
इस योजना का मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों को कंपनी की ग्रोथ और मुनाफे में साझीदार बनाना है। इस योजना के दायरे में पायलट, इंजीनियर और सीनियर मैनेजमेंट के सदस्य आएंगे। कंपनी लगभग 22.7 करोड़ नए शेयर जारी करेगी, जो एयर इंडिया की कुल शेयर पूंजी का 0.25% है। कर्मचारी इन शेयरों को ₹4 के फेस वैल्यू से लेकर ग्रांट डेट की मार्केट वैल्यू के बीच की किसी तय कीमत पर खरीद सकेंगे।
एयर इंडिया में टाटा ग्रुप की हिस्सेदारी 73.82% है। इस नए प्लान के साथ सिंगापुर एयरलाइंस को भी अतिरिक्त शेयर खरीदने का अधिकार दिया गया है ताकि वह कंपनी में अपनी 25.10% की मौजूदा हिस्सेदारी को बरकरार रख सके।
'टारगेट नहीं, तो शेयर नहीं'
एयर इंडिया ने इस रिवॉर्ड को सीधे काम के नतीजों से जोड़ दिया है। जैसे अगर एयरलाइन अपने आंतरिक लक्ष्यों का 85% से कम हासिल करती है, तो कर्मचारियों को उनके आवंटित शेयरों का केवल आधा हिस्सा ही मिल सकता है। इसके साथ ही शेयर मिलने के बाद उन्हें पूरी तरह इस्तेमाल करने के लिए कर्मचारियों को 1 से 5 साल तक कंपनी के साथ बने रहना होगा।
घाटे को कम करना है सबसे बड़ी चुनौती
भले ही एयर इंडिया का राजस्व बढ़ रहा है, लेकिन यह अभी भी टाटा ग्रुप की सबसे बड़ी घाटे वाली कंपनी बनी हुई है। वित्त वर्ष 2025 में एयर इंडिया का घाटा कम होकर ₹3,976 करोड़ रह गया है जो पहले ₹5,031 करोड़ था। इसकी सहायक कंपनी एयर इंडिया एक्सप्रेस का राजस्व तो बढ़ा, लेकिन घाटा चार गुना बढ़कर ₹5,822 करोड़ हो गया।
यह स्कीम ऐसे समय में आई है जब एयर इंडिया के CEO कैंपबेल विल्सन ने इस्तीफा दे दिया है। वैसे नए CEO मिलने तक वे अपने पद पर बने रहेंगे। टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने हाल ही में कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि ग्रुप एयरलाइन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और अब पूरा ध्यान काम के 'एग्जीक्यूशन' पर होना चाहिए।