Apple's iPhone making in India: अमेरिकन टेक कंपनी एपल के आईफोन बनाने वाली मुख्य कंपनी होन हाई प्रिसिजन इंडस्ट्री कंपनी अपनी भारतीय यूनिट में करीब 150 करोड़ डॉलर का निवेश करेगी। न्यूज एजेंसी ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक ताइवानी कंपनी ने सोमवार को एक्सचेंज फाइलिंग में इसकी जानकारी दी। यह कंपनी की अपने प्रोडक्शन को चीन से दूसरे देश में शिफ्ट करने की कोशिशों का हिस्सा है। होन हाई ने एक्सचेंज फाइलिंग में कहा कि यह निवेश उसकी सिंगापुर स्थित यूनिट के जरिए किया जा रहा है। अभी यह दक्षिण भारत में नए प्लांट्स का निर्माण कर रही है और उत्पादन क्षमता बढ़ा रही है।
अमेरिका में भी निवेश बढ़ा रही Hon Hai
ऐसा नहीं है कि होन हाई सिर्फ भारत में ही अपना निवेश बढ़ा रही है, बल्कि यह अमेरिका में भी यह अपना निवेश बढ़ा रही है। ऐसा इसलिए ताकि टैरिफ वार या राजनीतिक अनिश्चितताओं को कम किया जा सके।
iPhone को लेकर Apple का क्या है प्लान?
एपल का लक्ष्य है कि अगले साल के आखिरी तक अमेरिका में बिकने वाला अधिकतर आईफोन भारत में बना हो यानी मेड इन इंडिया आईफोन हो। हालांकि हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस पर नाराजगी जता चुके हैं और कहा उन्होंने एपल के सीईओ टिम कुक से भारत में प्लांट्स का निर्माण रोकने को कहा। वहीं अब सामने आ रहा है कि भारत में उत्पादन बढ़ाने की कोशिशें और तेज की जा रही हैं। अभी एपल के अधिकतर आईफोन चीन में बनते हैं और अमेरिका में इसे नहीं बनाया जाता है लेकिन कंपनी ने वादा किया है कि अमेरिका में हायरिंग बढ़ाई जाएगी और चार साल के अमेरिका में एपल करीब 50 हजार डॉलर खर्च करेगी।
अब भारत में बने आईफोन की बात करें तो अधिकतर होन हाई की दक्षिण भारत में स्थित फैक्ट्री के असेंबल होता है। इसके अलावा टाटा ग्रुप के इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग यूनिट भी अहम सप्लायर है। टाटा की इस यूनिट ने हाल ही में विस्ट्रान कॉर्प के स्थानीय बिजनेस को खरीदा था और यह पेगाट्रन कॉर्प का कारोबार चलाती है। एपल ने वित्त वर्ष 2025 में भारत में 2200 करोड़ डॉलर के आईफोन असेंबल किए जो उसके पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 60 फीसदी अधिक रहा।