BitCoin में 14% की बड़ी गिरावट, Ether में इस कारण आई चार साल की सबसे बड़ी गिरावट

Crypto Market News: आज सिर्फ स्टॉक मार्केट में ही नहीं, क्रिप्टो मार्केट में भी हाहाकार मचा हुआ है। एक समय तो बिटक्वॉइन की गिरावट 14 फीसदी से अधिक हो गई थी। वहीं दूसरे सबसे बड़े क्रिप्टो ऐथर की बात करें तो इसमें वर्ष 2021 के बाद की सबसे बड़ी गिरावट आई। सिर्फ इन्हीं दोनों में ही नहीं बल्कि अधिकतर क्रिप्टोकरेंसीज लुढ़के पड़े हैं। बिटक्वॉइन की बात करें तो इसमें क्रिप्टोएक्सेंज एफटीएक्स के ढहने के बाद से सबसे बड़ी गिरावट आई है

अपडेटेड Aug 05, 2024 पर 4:18 PM
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बिटक्वॉइन से जुड़ी कंपनियों में निवेश करने वाली लाइटिंग वेंचर्स की वेंचर पार्टनर खुशबू खुल्लर का कहना है कि वैश्विक स्तर पर स्टॉक मार्केट में बिकवाली ने क्रिप्टो मार्केट पर दबाव बनाया। हालांकि खुशबू का कहना है कि यह गिरावट खरीदारी के लिए अच्छा मौका है।

Crypto Market News: आज सिर्फ स्टॉक मार्केट में ही नहीं, क्रिप्टो मार्केट में भी हाहाकार मचा हुआ है। एक समय तो बिटक्वॉइन की गिरावट 14 फीसदी से अधिक हो गई थी। वहीं दूसरे सबसे बड़े क्रिप्टो ऐथर की बात करें तो इसमें वर्ष 2021 के बाद की सबसे बड़ी गिरावट आई। सिर्फ इन्हीं दोनों में ही नहीं बल्कि अधिकतर क्रिप्टोकरेंसीज लुढ़के पड़े हैं। बिटक्वॉइन की बात करें तो इसमें क्रिप्टोएक्सेंज एफटीएक्स के ढहने के बाद से सबसे बड़ी गिरावट आई है। वहीं ऐथर की बात करें तो यह भी 22 फीसदी टूट गया। वैश्विक स्तर पर बिकवाली का भारी दबाव है। इजराइल-ईरान की लड़ाई के अलावा एक और सवाल खड़ा हुआ है कि क्या एआई में जो भारी निवेश किया जा रहा है, वह उम्मीद के मुताबिक रिटर्न दे पाएगा। ऐसे में न सिर्फ शेयर मार्केट बल्कि क्रिप्टो मार्केट में भी कोहराम मचा है।

अमेरिकी एक्सचेंज पर बिटक्वॉइन ईटीएफ में से 2 अगस्त को तीन महीने की सबसे बड़ी बिकवाली दिखी। अब सवाल ये उठता है कि क्या क्रिप्टोकरेंसीज में और गिरावट आएगी या इस गिरावट पर खरीदारी होगी जिससे इसे सपोर्ट मिलेगा?

क्यों आई क्रिप्टोकरेंसीज में गिरावट?


बैंक ऑफ जापान ने ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर दिया और 2008 के बाद से पहली बार यह 0.25 फीसदी पर पहुंचा है। पहले यह 0-0.1 फीसदी पर था। इसकी वजह से ट्रेडर्स ने अपने सौदे काटने शुरू कर दिए। एवरग्रीन ग्रोथ के हेड (क्रिप्टो इनवेस्टमेंट्स) Hayden Hughes का कहना है कि इससे अमेरिकी डॉलर और जापानीज येन ट्रेडिंग पेयर में वोलैटिलिटी बढ़ गई और हेजिंग कॉस्ट भी बढ़ गई तो ट्रेडर्स इसकी भरपाई के लिए बाकी देशों में भी बिकवाली शुरू कर दिए। इससे घबराहट बढ़ी। इसका असर सिर्फ स्टॉक मार्केट पर ही नहीं बल्कि क्रिप्टो मार्केट पर भी दिखा है।

और भी है कोई वजह?

बिटक्वॉइन की बात करें तो मार्च में यह $73,798 की रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया था लेकिन इसके बाद से इसमें बिकवाली का काफी दबाव दिख रहा है। इसकी वजह ये है कि अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव का माहौल है और दोनों ही कैंडिडेट्स डोनाल्ड ट्रंप और कमला हैरिस ने अपनी क्रिप्टो नीति का खुलासा नहीं किया है। इसके अलावा बिटक्वॉइन पर एक और वजह से दबाव पड़ा है कि सरकार जो करेंसीज जब्त कर रही हैं, उसके मार्केट में वापस आने पर सप्लाई बहुत अधिक बढ़ने की आशंका बनी है। बैंकरप्सी प्रक्रिया के तहत टोकन क्रेडिटर्स को वापस दिया जाएगा तो सप्लाई बढ़ने का रिस्क है। चूंकि बिटक्वॉइन सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी है तो इसकी गिरावट का असर बाकी क्रिप्टो पर भी दिखता है।

अब आगे क्या है रुझान?

बॉन्ड ट्रेडर्स को उम्मीद है कि सितंबर में अमेरिकी फेड ब्याज दरों में कटौती कर सकता है ताकि इकॉनमी का विस्तार हो सके। फंडस्टार्ट ग्लोबल एडवाइजर्स एलएलसी के हेड (डिजिटल एसेट स्ट्रैटेजी) सीन फैरेल (Sean Farrell) का कहना है कि मॉनीटरी पॉलिसी जितनी नरम रहेगी, क्रिप्टो मार्केट के लिए उतना ही अच्छा है। बिटक्वॉइन से जुड़ी कंपनियों में निवेश करने वाली लाइटिंग वेंचर्स की वेंचर पार्टनर खुशबू खुल्लर का कहना है कि वैश्विक स्तर पर स्टॉक मार्केट में बिकवाली ने क्रिप्टो मार्केट पर दबाव बनाया। हालांकि खुशबू का कहना है कि यह गिरावट खरीदारी के लिए अच्छा मौका है।

Stock Market Strategy: गिरावट पर खरीदारी' या 'और गिरने का इंतजार', कौन सी स्ट्रैटेजी अपनाएं इस समय?

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