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Budget 2023: कॉटन, शुगर इंडस्ट्री की वित्त मंत्री से मांग, बजट में रखा जाए सेक्टर का ध्यान

बजट 2023 - शुगर इंडस्ट्रीज की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मांग है कि जीएसटी के मुद्दे पर सरकार समाधान निकालें। दरअसल ट्रेडर्स, मिलों को GST का भुगतान करते हैं लेकिन कुछ चीनी मिलें ट्रेडर्स की GST सरकार को नहीं देती हैं। ऐसे में जीएसटी भुगतान के बावजूद GST का भार ट्रेडर्स पर ही आता है। जिसे देखते हुए शुगर इंडस्ट्रीज की मांग है कि सरकार इस जालसाजी को रोकने का उपाय करे

Edited By: Sujata Yadavअपडेटेड Jan 18, 2023 पर 4:41 PM
Budget 2023: कॉटन, शुगर इंडस्ट्री की वित्त मंत्री से मांग, बजट में रखा जाए सेक्टर का ध्यान
Union Budget 2023- शुगर इंडस्ट्रीज की मांग है कि इस बजट में सेक्टर के लिए रेमिशन ऑफ टैक्स ऑन एक्सपोर्ट प्रोडक्ट (RODTEP) स्कीम लागू हो।

यूनियन बजट 2023 - बजट का काउंट डाउन शुरू हो चुका है। 1 फरवरी को Finance Minister संसद में बजट पेश करेंगे। जिससे हम और आप ही नहीं शुगर और कॉटन इंडस्ट्री भी कई उम्मीद लगाए बैठी है। शुगर इंडस्ट्रीज की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मांग है कि जीएसटी के मुद्दे पर सरकार समाधान निकालें। दरअसल ट्रेडर्स, मिलों को GST का भुगतान करते हैं लेकिन कुछ चीनी मिलें ट्रेडर्स की GST सरकार को नहीं देती हैं। ऐसे में जीएसटी भुगतान के बावजूद GST का भार ट्रेडर्स पर ही आता है। जिसे देखते हुए शुगर इंडस्ट्रीज की मांग है कि सरकार इस जालसाजी को रोकने का उपाय करे । साथ ही शुगर इंडस्ट्रीज चाहता है कि सरकार चीनी एक्सपोर्ट के लिए रेलवे वैगन आसानी से मुहैया कराएं। रियायती दरों पर एक्सपोर्टर्स को लोन मिलने की भी सुविधा शुगर इंडस्ट्रीज मांग रही है ।

शुगर इंडस्ट्रीज की मांग है कि इस बजट में सेक्टर के लिए रेमिशन ऑफ टैक्स ऑन एक्सपोर्ट प्रोडक्ट (RODTEP) स्कीम लागू हो। साथ ही सरकार चीनी की MSP बढ़ाए। बता दें कि पिछली बार MSP 2019 में बढ़ाई गई थी। चीनी इंडस्ट्रीज की मांग है कि एथेनॉल उत्पादन पर मिलों को आर्थिक सहायता दी जाए। गन्ने के प्राइस पेमेंट का गुजरात मॉडल पूरे देश में लागू हो।

बता दें कि 2022-23 में 60 लाख टन चीनी एक्सपोर्ट को मंजूरी मिली जबकि 55 लाख टन चीनी कॉन्ट्रैक्ट को मंजूरी मिली। वहीं 18 लाख टन चीनी एक्सपोर्ट हुए है। गौरतलब है कि वित्त वर्ष 2021-22 में 1.10 करोड़ टन चीनी एक्सपोर्ट को मंजूरी मिली थी जबकि2022-23 में 60 लाख टन चीनी एक्सपोर्ट को मंजूरी मिली थी ।

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