निर्मला सीतारमण (Nirmala Sithraman) ने लोकसभा चुनाव (Loksabha Election) से पहले अंतरिम बजट (Interim Budget) को पेश कर दिया है। इस बार के बजट में कोई भी ज्यादा बड़ा वादा नहीं किया गया। ना ही टैक्स स्लैब (Tax Slab) में किसी तरह का बदलाव देखने को मिला। केंद्रीय वित्त मंत्री के संसद बजट को लेकर महिंद्रा ग्रुप चेयरमैन (Mahindra Group) ने खुशी जाहिर की। आनंद महिंद्रा के मुताबिक ये बजट देश के फाइनेंसेस को मैनेज करने और वित्तीय घाटे को कम करने में सहयोग करेगा।
आनंद महिंद्रा ने एक्स पर एक पोस्ट पर कहा कि मैं कई सालों से कहता आया हूं कि आप हमेशा से ही बजट के ईर्द-गिर्द काफी ज्यादा ड्रामा क्रिएट कर देते हो। पॉलिसीज की अनाउंसमेंट्स से ना केवल उम्मीदें बढ़ती हैं बल्कि कुछ कभी ना पूरे होने वाले दावे भी किए जाते हैं। बजट ट्रांसफॉर्मेशनल पॉलिसी की अनाउंसमेंट के लिए नहीं बना है। अगर पॉलिसीज लानी ही हैं तो वो साल के दौरान कभी भी लागू की जा सकती हैं।
इनवेस्टमेंट पर दिया ध्यान
आनंद महिंद्रा ने बताया कि जब कोई देश अपने पास पर्याप्त साधनों के साथ जीने पर फोकस करता है और उसी हिसाब से इनवेस्टिंग पर ध्यान देता है। उतनी ही तेजी से वो ग्लोबल इनवेस्टर्स के भरोसे को हासिल करता है। इसके साथ ही उन्होंने बजट की अहम चार बातों पर प्रकाश डाला।
पहला तो वो इस बात से खुश थे कि बजट भाषण ज्यादा लंबा नहीं रहा। बता दें कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस बजट सेशन में 58 मिनट की स्पीच दी। जो उनकी अब तक की सबसे छोटी बजट स्पीच रही। दूसरा इस बार किसी भी तरह के हवाई वादे नहीं किए गए, तीसरा वित्तीय घाटे को टारगेट पर रखा गया है और चौथा टैक्स स्लैब और टैक्स ड्यूटी पर किसी भी तरह का बदलाव नहीं किया गया है। आनंद महिंद्रा के मुताबिक टैक्स में बदलाव ना करने से मार्केट में जितनी ज्यादा स्थिरता रहेगी बिजनेस को उतना लाभ मिलेगा।