Budget 2022: बजट पेश होने के पहले, जानिए मौजूदा आयकर स्लैब पर कितना लगता है टैक्स

Budget 2022: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण वित्त वर्ष 2022-23 के लिए 1 फरवरी 2022 को बजट पेश करेंगी

अपडेटेड Jan 16, 2022 पर 11:49 AM
जानिए नए और पुराने टैक्स स्लैब में अंतर

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) 1 परवरी 2022 को वित्त वर्ष 2022-23 के लिए पूरे साल का बजट पेश करेंगी। देश भर के नागरिक इस बार भी अपनी इनकम पर कितना टैक्स लगेगा, इस बात का इंतजार कर रहे हैं।

पिछले साल के बजट में कोरोना वायरस महामारी के चलते आयकर स्लैब (income tax slabs) में कोई बदलाव नहीं किया गया था। हालांकि वित्त मंत्रालय ने बजट 2020 में सैलरी क्लास के लिए आयकर के दो विकल्प दिये थे। ये विकल्प वित्त वर्ष 2020-21 से प्रभावी हैं। इन दो विकल्पों में से एक विकल्प पुराना/मौजूदा टैक्स स्लैब है और दूसरा विकल्प है नया टैक्स स्लैब, जो बजट 2020 में लाया गया।

मौजूदा नियमों के मुताबिक, पूरे देश में एक स्लैब सिस्टम काम करता है। जहां अलग-अलग स्लैब के लिए अलग-अलग टैक्स दरें (tax rates) निर्धारित की गईं हैं। व्यक्तिगत टैक्सपेयर्स की तीन कैटेगेरी बनाई गईं हैं। एक 60 साल से कम के लोग, दूसरा सीनियर सिटीजन्स 60 से 80 साल के और तीसरा 80 साल से अधिक उम्र के लोगों को शामिल किया गया है।


मौजूदा सिस्टम में इनकम टैक्स के 7 स्लैब बनाए गए हैं। इसके मुताबिक, 2.5 लाख रुपये तक की सालाना इनकम पर कोई टैक्स नहीं लगता है। 2.5 लाख से 5 लाख तक की सालाना इनकम पर 5 फीसदी की दर से टैक्स देना होता है। वहीं 5 लाख रुपये से 7.5 लाख रुपये की सालाना इनकम पर 10 फीसदी की दर से टैक्स देना होता है। जबकि 7.5 लाख रुपये से 10 लाख रुपये की सालाना इनकम पर 15 फीसदी की दर से टैक्स लगता है।

10 लाख रुपये से 12.5 लाख रुपये की सालाना इनकम पर 20 फीसदी की दर से टैक्स चुकाना होता है। 12.5 लाख रुपये से 15 लाख रुपये की सालाना इनकम पर 25 फीसदी और 15 लाख रुपये से अधिक की सालाना इनकम पर 30 फीसदी की दर से टैक्स लगता है। इन नए नियमों में लाए गए टैक्स स्लैब में दरें तो कम हैं, लेकिन इसमें सेक्शन 80C के तहत मिलने वाली और अन्य दूसरी कर छूटों को खत्म कर दिया गया है।

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क्या है पुरानी व्यवस्था

वहीं पुराने इनकम टैक्स की व्यवस्था के तहत 2.5 लाख रुपये तक की सालाना इनकम पर कोई टैक्स नहीं लगता है। वहीं अगर सालाना इनकम 2.5 लाख रुपये से लेकर 5 लाख रुपये के दायरे में आती है तो 5 फीसदी टैक्स लगता है। हालांकि 5 लाख से अधिक की इनकम पर इनकम टैक्स एक्ट 87A के तहत 12,500 रुपये की छूट का दावा कर सकते हैं। इसके साथ ही 5 लाख रुपये से 10 लाख रुपये की सालाना इनकम पर 20 फीसदी की दर से टैक्स लगता है। यदि किसी व्यक्ति की कुल इनकम 10 लाख रुपये से अधिक है तो 20 फीसदी टैक्स लगता है।

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