Budget 2022 : आगामी आम बजट (Union Budget) में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) भारत के कैपेक्स साइकल में बढ़ोतरी के साथ ही फिस्कल कंसॉलिडेशन के लिए रोडमैप का ऐलान कर सकती हैं। इसके साथ ही कैपिटल एक्सपेंडिचर और हेल्थकेयर स्कीम्स के लिए ज्यादा बजट का प्रोविजन किया जा सकता है, जिसका उद्देश्य भारत को ग्लोबल सप्लाई चेन में शामिल करना है। ब्रोकरेज हाउस बजट 2022-23 से ये उम्मीदें कर रहे हैं।
हाउसिंग, ऑटो और ऑटो एंसिलरीज को मिलेगा सपोर्ट
इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, जेएम फाइनेंशियल सिक्योरिटीज के एमडी और चीफ-स्ट्रैटजिस्ट धनंजय सिन्हा ने कहा, “हम देखना चाहेंगे कि क्या टैक्स न्यूट्रल जीएसटी हासिल करने का मतलब है टैक्स रेट में बढ़ोतरी होगी और इसका विभिन्न सेक्टर्स पर क्या असर होगा। इसके अलावा, पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स पर एक्साइस ड्यूटी में कमी की संभावना है। मार्केट हाउसिंग, ऑटो और ऑटो एंसिलरीज को सपोर्ट, विभिन्न सेक्टरों में पीएलआई से जुड़े उपायों की भी उम्मीद कर रहा है।”
50,000 रुपये का वर्क फ्रॉम होम अलाउंस
वेंचुरा सिक्योरिटीज के हेड ऑफ रिसर्च विनीत बोलिंजकर वर्किंग क्लास के लिए एक वर्क फ्रॉम होम (डब्ल्यूएफएच) अलाउंस और स्टैंडर्ड डिडक्शन में रिवीजन की उम्मीद कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “सिफारिश की जाती है कि ऐसे इम्प्लॉइज के लिए 50,000 रुपये के अतिरिक्त ‘वर्क फ्रॉम होम’ अलाउंस के डिडक्शन की सिफारिश की गई है। साथ ही इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 16 के तहत स्टैंडर्ड डिडक्शन लिमिट 50,000 रुपये से बढ़ाकर 1 लाख रुपये किए जाने का अनुमान है।”
बोलिंजकर को लगता है कि हाउसिंग लोन के इंटरेस्ट पेमेंट और प्रिंसिपल रिपेमेंट पर टैक्स बेनिफिट्स की सीमा मौजूदा लिमिड क्रमशः 2 लाख रुपये और 1.5 लाख रुपये से 50 हजार रुपये तक बढ़ाई जा सकती है।
पीपीएफ लिमिट बढ़ने का अनुमान
कैपिटलवाया ग्लोबल रिसर्च के हेड ऑफ रिसर्च गौरव गर्ग को 80सी के तहत पीपीएफ लिमिट 1.5 लाख रुपये से बढ़ने का अनुमान है। पिछले बजट में इस पर कोई ऐलान नहीं हुआ था। गर्ग ने कहा, “मैं रियल एस्टेट सेक्टर को प्रोत्साहन देने के लिए टैक्स में कुछ छूट और कच्चे माल जीएसटी में माफी या कटौती की उम्मीद कर रहा हैं, क्योंकि इस सेक्टर ने पिछली कुछ तिमाहियों के दौरान अच्छी वापसी की है। साथ ही कोविड-19 की तीसरी वेव को देखते हुए एजुकेशन और हेल्थकेयर सेक्टर के लिए अतिरिक्त अलोकेशन की उम्मीद है।”
सीतारमण 1 फरवरी को चौथा बजट पेश करेंगी।
कैपिटल एक्सपेंडिचर में बढ़ोतरी संभव
एक अन्य अहम उम्मीद कैपिटल एक्सपेंडिचर के लिए बजट में बढ़ोतरी है। पिछले बजट में इसके लिए 5.54 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था, जो वित्त वर्ष 21 के 4.39 लाख करोड़ रुपये से 26 फीसदी ज्यादा था। आईसीआईसीआई डायरेक्ट के रिसर्च हेड पंकज पांडे को वित्त वर्ष 23 में इसके 25 फीसदी बढ़कर 7 लाख करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंचने का अनुमान है। उन्होंने कहा, “इससे सरकार की एनआईपी को सपोर्ट देने की क्षमता खासी बढ़ सकती है।”