Budget 2022: बजट में क्रिप्टोकरेंसी पर TDS/ TCS लागू करने का हो सकता है ऐलान

Budget 2022: क्रिप्टोकरेंसी एंड रेगुलेशन ऑफ ऑफिशियल डिजिटल करेंसी बिल अब 31 जनवरी से शुरू हो रहे संसद के बजट सत्र में पेश किए जाने की उम्मीद है

अपडेटेड Jan 16, 2022 पर 4:32 PM
क्रिप्टोकरेंसी खरीदने और बेचने पर लग सकते हैं ये टैक्स!

Budget 2022: इस साल बजट 2022 में सरकार Cryptocurrencies की खरीद-बिक्री पर टैक्स डिडक्शन ऐट सोर्स यानी TDS और टैक्स कलेक्शन एट सोर्स यानी TCS लागू करने का फैसला ले सकती है। इस बात की जानकारी Nangia Andersen LLP टैक्स के अरविंद श्रीवत्सन (Aravind Srivatsan) ने दी है। हालांकि यह एक लिमिट तक लागू होगी।

अरविंद का कहना है कि सरकार आने वाले बजट में एक निश्चित सीमा से अधिक मात्रा में क्रिप्टोकरेंसी की खरीद और बिक्री पर TCS और TDS का प्रावधान कर सकती है। और इस तरह के सौदों को स्पेसीफिड ट्रांजैक्शन (specified transaction) के दायरे में लाया जा सकता है। इसके अलावा क्रिप्टो करेंसी की बिक्री से होने वाली आय पर लॉटरी, गेम शोज और पजल आदि की तरह ही 30 फीसदी के हाई टैक्स लगाया जा सकता है।

अरविंद ने आगे कहा कि मौजूदा समय में भारत में दुनिया में सबसे ज्यादा क्रिप्टो ओनर हैं। भारत में करीब 10.02 करोड़ क्रिप्टो ओनर हैं। एक अनुमान के मुताबिक, 2020 तक भारत में क्रिप्टो करेंसी का कारोबार 24.1 करोड़ डॉलर तक पहुंच सकता है। उन्होंने आगे कहा कि उम्मीद थी कि संसद के शीतकालीन सत्र में क्रिप्टो करेंसी को रेगुलेट करने के लिए कोई बिल आएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।


अब उम्मीद है कि सरकार आने वाले बजट सत्र में इस तरह का कोई बिल लेकर आएगी। उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद है कि अगर सरकार भारतीयों को क्रिप्टोकरेंसी में कोराबर करने से रोकने का कोई प्रावधान नहीं करती है तो वह क्रिप्टोकरेंसी के लिए रिग्रेस्सिव टैक्स की व्यवस्था (regressive tax regime) कर सकती है।

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अरविंद श्रीवत्सन ने आगे कहा कि क्रिप्टोकरेंसी के बाजार के आकार, इसमें लगे हुए सबसे ज्यादा पैसे और इसके साथ जुड़े जोखिम को देखते हुए क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े प्रावधानों में बड़े बदलवा हो सकता है। इनको क्रिप्टोकरेंसी को टैक्स डिडेक्टेड ऐट सोर्स (Tax Deducted at source -TDS) और टैक्स कलेक्टेड ऐट सोर्स (Tax Collected at source - TCS) के दायरे मे लाया जा सकता है। इससे सरकार को निवेशकों की पहचान करने में आसानी होगी। इसके अलावा क्रिप्टो करेसी के खरीद और बिक्री दोनों को भी Statement of Financial Transactions (SFT) के तहत लाया जाना चाहिए।

देश में क्या है क्रिप्टो का हाल

मौजूदा समय में देश में क्रिप्टोकरेंसी के उपयोग पर कोई रेगुलेशन या बैन नहीं है। क्रिप्टोकरेंसी एंड रेगुलेशन ऑफ ऑफिशियल डिजिटल करेंसी बिल (Cryptocurrency and Regulation of Official Digital Currency Bill) अब 31 जनवरी से शुरू हो रहे संसद के बजट सत्र में पेश किए जाने की उम्मीद है। सरकार क्रिप्टोकरेंसी को टैक्स के दायरे में लाने के लिए इनकम टैक्स के कानूनों में बदलाव कर रही है।

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