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Budget 2022: कंज्यूमर कॉन्फिडेंस जगाने से ही बढ़ेगी अर्थव्यवस्था की रफ्तार, वित्त मंत्री के सामने कई चुनौतियां

कोरोनावायरस संक्रमण की तीसरी लहर के कारण सर्विस सेक्टर के उपभोक्ता चिंतित हैं और अर्थव्यवस्था पर भी इसका असर नजर आने लगा है, ऐसे में वित्त मंत्री सीतारमन के सामने बजट के लक्ष्य और चुनौतियां और ज्यादा स्पष्ट हो गए हैं

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 10, 2022 पर 3:29 PM
Budget 2022: कंज्यूमर कॉन्फिडेंस जगाने से ही बढ़ेगी अर्थव्यवस्था की रफ्तार, वित्त मंत्री के सामने कई चुनौतियां
जब हालात ठीक होंगे, तब भारत में हालात सुधरेंगे और कितना सुधरेंगे यह इस बात पर निर्भर करेगा कि उपभोक्ताओं की आमदनी कितनी बढ़ती है और उनका भरोसा कितना बढ़ता

भुवन भास्कर

नेशनल स्टैटिस्टिकल ऑफिस (NSO) का अनुमान है कि 2021-22 के दौरान भारत की अर्थव्यवस्था 9.2% की दर से दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बन जाएगी। यह देश के लिए अच्छी खबर है, इसके बावजूद कि इस साल की ग्रोथ रेट पिछले साल के अभूतपूर्व 7.3% की नकारात्मक दर के बेस पर आ रही है। इतनी जल्दी ग्रोथ की वापसी दरअसल डॉ. मनमोहन सिंह, कौशिक बसु और रघुराम राजन जैसे ग्लोबल अर्थशास्त्रियों की भविष्यवाणियों के बावजूद हुई है, जिसमें उन्होंने वर्षों तक अर्थव्यवस्था के सुस्त रहने की बात कही थी।

बहरहाल NSO के ये आंकड़े उस समय आए हैं, जब वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन अगले वित्त वर्ष के लिए बजट पेश करने की तैयारियों को मुकम्मल करने में लगी हैं। जीडीपी के आंकड़ों के साथ NSO ने यह भी बताया है कि 9.2% की वृद्धि के साथ मार्च 2021 के आखिर में भारत का जीडीपी 2019-20 के जीडीपी के मुकाबले 17% बढ़ जाएगा जो 14% के बजट अनुमान से कहीं ज्यादा है।

हालांकि आंकड़े यह भी दिखा रहे हैं कि सर्विस सेक्टर में उपभोक्ता चिंतित हैं और उनका भरोसा डिगा हुआ है। जाहिर है कोरोना की तीसरी लहर ने अर्थव्यवस्था के सुधार पर अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। इस पृष्ठभूमि में वित्त मंत्री सीतारमन के सामने बजट के लक्ष्य और चुनौतियां और ज्यादा स्पष्ट हो गए हैं।

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