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Budget 2022: होटल इंडस्ट्री की वित्त मंत्री से क्या है उम्मीदें, आइए डालते हैं एक नजर

FHRAI की वित्त मंत्री से मांग है कि होटल सेक्टर को इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम (ECLGS) के तहत लिए गए लोन पर निम्नतम कम से कम 1 साल का मोरेटोरियम इक्सटेंशन मिलना चाहिए।

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 29, 2022 पर 3:20 PM
Budget 2022: होटल इंडस्ट्री की वित्त मंत्री से क्या है उम्मीदें, आइए डालते हैं एक नजर
देश भर मे लागू लॉकडाउन के चलते वित्त वर्ष 2020-21 में भारत में होटल इंडस्ट्री को 1.30 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की चपतलगी है।

Budget 2022 expectations:  देश में हॉस्पिटैलिटी सेक्टर को कोरोना के चलते भारी मार सहनी पड़ी है। इस सेक्टर को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन से तत्काल राहत उपाय की उम्मीद है। होटल संगठनों का कहना है कि उनको निम्न ब्याज दर के साथ लोन मोरेटोरियम मिलना चाहिए। इसके अलावा यूनियन बजट 2020 में हॉस्पिटैलिटी सेक्टर के लिए टैक्स हॉलिडे और इंफ्रा स्टेटस भी दिए जाने की मांग है।

देश भर मे लागू लॉकडाउन के चलते वित्त वर्ष 2020-21 में भारत में होटल इंडस्ट्री को 1.30 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की चपतलगी है।

फेडरेशन ऑफ होटल एंड रेस्ट्रोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (FHRAI) के Gurbaxish Singh Kohli का कहना है कि पूरी हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री भारी खतरे में झुल रही है। सिर्फ एक विशेष रीलिफ पैकेज ही इस इंडस्ट्री में फिर से जान फूंक सकता है। बता दें कि FHRAI के साथ 55,000 से ज्यादा हॉटेल मेंबर के तौर पर जुड़े हुए है।

FHRAI की वित्त मंत्री से मांग है कि हॉटेल सेक्टर को इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम (ECLGS) के तहत लिए गए लोन पर निम्नतम कम से कम 1 साल का मोरेटोरियम इक्सटेंशन मिलना चाहिए। इनका कहना है कि होटल इंडस्ट्री कोरोना के एक के बाद एक आनेवाले लहर से सबसे ज्यादा नुकसान में जिसको देखते हुए यह तत्काल राहत उपाय की जरुरत है।

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