Budget 2022: बजट से पहले भारत में डीलर्स से गोल्ड पर मिल रहा डिस्काउंट बढ़ा, जानिए वजह?

कुछ एनालिस्ट का यह भी कहना है कि रूस और यूक्रेन के बीच बढ़ते टेंशन और फाइनेंशियल मार्केट में बढ़ते उतार-चढ़ाव की वजह से गोल्ड को निचले स्तरों पर सपोर्ट है.

अपडेटेड Jan 29, 2022 पर 1:21 PM
शुक्रवार को बुलियन मार्केट की गिरावट बढ़ती नजर आई। इस हफ्ते यूएस गोल्ड फ्यूचर 2 फीसदी से ज्यादा की गिरावट के साथ 1,792 डॉलर पर सेटल हुआ है।

अगले हफ्ते आनेवाले यूनियन बजट के पहले भारत में गोल्ड पर डीलर्स की तरफ से मिल रहा डिस्काउंट बढ़ा है। डीलर इस समय गोल्ड की ऑफिशियल डोमेस्टिक प्राइस पर 3 डॉलर प्रति औंस का डिस्काउंट दे रहे हैं। जो पिछले हफ्ते के 2.5 डॉलर प्रति औंस से ज्यादा है। बता दें कि भारत में गोल्ड की कीमतों में 10.75 फीसदी इंपोर्ट ड्यूटी और 3 फीसदी जीएसटी भी शामिल होता है। सरकार ने 2021-22 के बजट में गोल्ड पर लागू इंपोर्ट टैक्स में कटौती की थी।

एमसीएक्स पर सोना 0.8 फीसदी की गिरावट के साथ 47610 रुपये के पर सेटल हुआ है। यूएस फेड द्वारा मार्च से ब्याज दरों में बढ़ोतरी के संकेत देनें के बाद सोने में बिकवाली बढ़ती नजर आ रही है। पिछले 3 कारोबारी सत्रों में सोने में 1500 रुपये प्रति 10 ग्राम की गिरावट देखने को मिल रही है जो कि ग्लोबल मार्केट के अनुकूल है। वही चांदी एमसीएक्स पर 1.4 फीसदी की गिरावट के साथ 61,100 रुपये पर सेटल हुआ है।

ग्लोबल मार्केट की बात करें तो शुक्रवार को बुलियन मार्केट की गिरावट बढ़ती नजर आई। इस हफ्ते यूएस गोल्ड फ्यूचर 2 फीसदी से ज्यादा की गिरावट के साथ 1,792 डॉलर पर सेटल हुआ है।


पिछले हफ्ते के शुरुआत में यूएस फेड ने इस बात की पृष्टि की थी वह कोरोना महामारी काल में शुरु किए अपने बॉन्ड खरीद प्रोग्राम को बंद करने जा रहा है और मार्च से ब्याज दरों में भी बढ़ोतरी की जाएगी। ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीद के साथ ही डॉलर अपने मल्टीमंथ हाई पर पहुंच गया जिसके चलते विदेशी खरीदारों के लिए सोना कम आर्कषक हो गया। इसके अलावा ब्याज दरों में बढ़ोतरी के चलते बुलियन की होल्डिंग कॉस्ट भी बढ़ने की संभावना है जिसके चलते निवेशक सोने से निकलते नजर आ रहे हैं।

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हालांकि कुछ एनालिस्ट का यह भी कहना है कि रूस और यूक्रेन के बीच बढ़ते टेंशन और फाइनेंशियल मार्केट में बढ़ते उतार-चढ़ाव की वजह से गोल्ड को निचले स्तरों पर सपोर्ट है। क्योंकि बढ़ते ब्याज दरों के दौर में सोना पोर्टफोलियो में संतुलन स्थापित करने का काम कर सकता है। इसके अलावा सोने को इंफ्लेशन के खिलाफ हेजिंग में भी इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे में इसमें बहुत ज्यादा गिरावट की संभावना नहीं है।

 

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