Budget 2023: संसद में इस साल का बजट सेशन खासा हंगामेदार हो सकता है। दरअसल, विपक्षी नेता हिंडेनबर्ग रिसर्च रिपोर्ट को लेकर अडानी ग्रुप की प्रतिक्रिया पर खासी आपत्ति जता रहे हैं। गौतम अडानी का अडानी ग्रुप और अमेरिका का हिंडेनबर्ग रिसर्च रविवार को उस समय आमने-सामने आ गए, जब अडानी ग्रुप ने शॉर्ट सेलर के आरोपों को “भारत पर सोचा समझा हमला” करार दिया था।सीएनबीसी टीवी 18 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, विपक्षी दलों के नेताओं ने अडानी ग्रुप पर इस बात को लेकर निशाना साधा कि उसने आरोपों पर जवाब देने के बजाय इसे भारत पर हमला करार दिया। कुछ ने ट्विटर पर सवाल उठाए कि क्या “न्यू इंडिया” वास्तव में यही है जिसका अडानी ग्रुप ने अपनी प्रतिक्रिया में उल्लेख किया है। हालांकि, कुछ लीडर्स ने रिपोर्ट जारी होने की टाइमिंग पर भी सवाल उठाए।
यह रिपोर्ट बजट सेशन 2023 (Budget Session 2023) के ठीक पहले जारी हुई है, जो 1 फरवरी से शुरू होगा और इसके अप्रैल में संपन्न होने का अनुमान है। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को बजट पेश करेंगी।
एलआईसी के निवेश पर उठाए सवाल
कांग्रेस लीडर मनीष तिवारी ने कहा, “क्या अडानी अब भारत हो गए हैं?” वहीं कई ने एलआईसी के अडानी की फ्लैगशिप यूनिट में पैसे लगाने पर भी सवाल उठाए। कांग्रेस चीफ मल्लिकार्जुन खड़गे ने मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा, “एलआईसी शेयरों की मार्केट वैल्यू महज दो दिन में 22,442 करोड़ रुपये कम हो गई। एलआईसी के 29 करोड़ पॉलिसीहोल्डर्स हैं। मोदी सरकार ने इसका नाम बदलकर लूट इनवेस्टमेंट फॉर क्रोनीज (यानी दोस्तों के लिए निवेश की लूट) कर दिया है।”
पीएम क्यों नहीं दे रहे प्रतिक्रिया
भारत राष्ट्र समिति पार्टी के वाई सतीश रेड्डी ने कहा, “अडानी क्यों भारत हो गया है? इस मसले पर पीएम प्रतिक्रिया क्यों नहीं दे रहे हैं?” उन्होंने कहा कि एलआईसी अडानी की 2.5 अरब डॉलर की शेयर सेल में एंकर इनवेस्टर के रूप में लगभग 3.7 करोड़ डॉलर खर्च कर रही है।