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Budget 2023: सरकार को लोगों के हाथ में पैसे बढ़ाने के उपाय करने चाहिए, FMCG इंडस्ट्री की राय

Budget 2023: ग्रामीण इलाकों में मांग का नहीं बढ़ना एफएमसीजी सहित कई सेक्टर के लिए खतरे की घंटी है। अभी कई इंडस्ट्री के कुल रेवेन्यू में ग्रामीण इलाकों की मांग का बड़ा हाथ है। कोरोना के बाद शहरों इलाकों में तो मांग बढ़ी है, लेकिन ग्रामीण इलाकों में अब भी यह सुस्त बनी हुई है

Curated By: Rakesh Ranjanअपडेटेड Jan 05, 2023 पर 5:26 PM
Budget 2023: सरकार को लोगों के हाथ में पैसे बढ़ाने के उपाय करने चाहिए, FMCG इंडस्ट्री की राय
हिंदुस्तान यूनिलीवर (HUL) की रिपोर्ट के मुताबिक, हर तीन में से सिर्फ एक उपभोक्ता शहर में रहता है।

Budget 2023: दिल्ली में एक व्यक्ति आज एक लीटर दूध की थैली के लिए 2022 की शुरुआत के मुकाबले कम से कम 8 रुपये ज्यादा चुकाता है। इसकी वजह Amul और Mother Dairy की तरफ से कई बार अपने दूध के दाम बढ़ाना है। Parle G बिस्कुट के सबसे छोटे पैक की कीमत अब भी 5 रुपये है, लेकिन इस पैकेट का वजन घट गया है। बिस्कुट बनाने में इस्तेमाल होने वाली चीजों की कीमतें बढ़ने की वजह से कंपनी ने पैकेट का वजट घटाया है। आटा की कीमत करीब 20 फीसदी बढ़ चुकी है। डिटर्जेंट ब्रांड सर्फ एक्सेल की कीमत भी 8-10 फीसदी बढ़ चुकी है। 2022 में FMCG कंपनियों को डबल चैलेंज का सामना करना पड़ा है। एक तरह ग्रामीण इलाकों में मांग कमजोर बनी हुई है तो दूसरी तरफ इनफ्लेशन ने उनकी मुश्किल बढ़ाई है। इनफ्लेशन की वजह से गावों में लोगों के खर्च करने की क्षमता में कमी आई है। उन्होंने अपनी खपत घटाई या वे सस्ते ब्रांड्स खरीद रहे हैं। रूस-यूक्रेन में लड़ाई की वजह से कमोडिटी की कीमतों में उछाल आया है। इससे कंपनियों के प्रोडक्ट्स की कॉस्ट बढ़ गई है। एफएमसीजी कंपनियों ने बढ़ी कॉस्ट का बोझ ग्राहकों पर डाला है।

एफएमसीजी कंपनियों के लिए अहम है रूरल डिमांड

हिंदुस्तान यूनिलीवर (HUL) की रिपोर्ट के मुताबिक, हर तीन में से सिर्फ एक उपभोक्ता शहर में रहता है। हालांकि, शहरी उपभोक्ताओं की प्रति व्यक्ति आय 82 डॉलर है, जबकि ग्रामीण इलाके के उपभोक्ता की आय 27 डॉलर है। इससे साफ है कि ज्यादा कमाई वाले उपभोक्ता शहरों में रहते हैं। लेकिन ग्रामीण इलाकों में होने वाली कुल बिक्री एफएमसीजी कंपनियों के लिए बहुत मायने रखती है। ग्रामीण इलाकों में प्रति व्यक्ति आय शहरों के मुकाबले बहुत कम है, जिसका मतलब यह है कि भविष्य में वहां कंपनियों के लिए बड़े मौके हैं।

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