Budget 2023: रियल एस्टेट (Real Estate Sector) उन सेक्टर में शामिल है, जिन पर कोरोना की महामारी की सबसे ज्यादा मार पड़ी थी। रियल एस्टेट कंपनियों का कहना है कि सरकार से मदद मिलने पर यह सेक्टर फिर से तेज रफ्तार हासिल कर सकता है। इस सेक्टर को फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) के अगले बजट से बहुत उम्मीदें हैं। उन्हें उम्मीद है कि इस बजट (Union Budget 2023) में सरकार एफोर्डेबल और रेंटल हाउसिंग को बढ़ावा देने के लिए बड़े उपाय कर सकती है। साथ ही वित्त मंत्री इस सेक्टर की कंपनियों को कर्ज की आसान उपलब्धता के लिए भी कदम उठा सकती हैं। इससे अटके पड़े हाउसिंग प्रोजेक्ट्स को जल्द पूरा करने में मदद मिलेगी। सरकार को इस बजट में होम बायर्स के लिए इनसेंटिव का ऐलान भी करना चाहिए। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी, 2023 को यूनियन बजट पेश करेंगी।
लोगों पर बढ़ गया है EMI का बोझ
घर खरीदने का प्लान बना रहे लोगों का कहना है कि पिछले कुछ महीनों में होम लोन पर इंटरेस्ट रेट बढ़ने से घर खरीदने के उनके प्लान पर असर पड़ा है। जो लोग होम लोन लेकर घर खरीद चुके हैं, उनकी EMI भी बढ़ गई है। उनका कहना है कि अगर वित्त मंत्री अगले बजट में उनके लिए राहत का ऐलान करती हैं तो इससे उनकी मुश्किलें कम हो सकती हैं। सरकार होम लोन के इंटरेस्ट पर फुल डिडक्शन का ऐलान कर सकती हैं।
एफोर्डेबल हाउसिंग को बढ़ावा देने से लोगों के अपने घर का सपना होगा पूरा
रियल एस्टेट डेवलपर्स का भी कहना है कि सरकार एफोर्डेबल और रेंटल हाउसिंग को बढ़ावा देने के लिए अगले बजट में उपाय कर सकती है। सरकार को होम लोन के इंटरेस्ट पर डिडक्शन की लिमिट बढ़ाने की भी जरूरत है। अभी सेक्शन 24 के तहत होम लोन के इंटरेस्ट पर एक फाइनेंशियल ईयर में 2 लाख रुपये तक के डिडक्शन की इजाजत है। सरकार को इस लिमिट को बढ़ाकर कम से कम 5 लाख रुपये करनी चाहिए।
टैक्स में राहत बढ़ाने से घर खरीदने में लोगों की दिलचस्पी बढ़ेगी
रियल एस्टेट कंपनी सिग्नेटर ग्लोबल के फाउंडर और चेयरमैन प्रदीप अग्रवाल ने कहा कि पिछले कुछ महीनों में इनफ्लेशन बहुत बढ़ा है। इधर, होम लोन पर इंटरेस्ट रेट भी लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में सरकार को घर खरीदारों को टैक्स में राहत बढ़ाने के उपाय करने चाहिए। खासकर एफोर्डेबल और मिड हाउसिंग सेगमेंट के ग्राहकों को ऐसे उपायों से बहुत फायदा होगा। उन्होंने कहा, "मेरा मानना है कि सरकार को होम लोन के इंटरेस्ट पर डिडक्शन की लिमिट बढ़ानी चाहिए। एफोर्डेबल हाउसिंग सेगमेंट में ग्राहक को होम लोन के इंटरेस्ट पर फुल डिडक्शन की सुविधा मिलनी चाहिए।"