Budget 2023 : देश इस बजट से सतर्कता के साथ आस लगाए बैठा है। दरअसल, बजट पर वैश्विक आर्थिक मंदी और कोविड-19 की वापसी की आशंकाओं का असर नजर आ सकता है। मार्केटिंग डेटा और एनालिटिक्स कंपनी कैंटर (Kantar) के एक सर्वे के मुताबिक, चार में से तीन लोग बढ़ती महंगाई को लेकर चिंतित हैं और वे चाहते हैं कि इसे काबू में करने के लिए सरकार आगामी यूनियन बजट में कुछ निर्णायक कदम उठाए। इसके अलावा, हर चार में से एक भारतीय नौकरी गंवाने को लेकर चिंतित है। हालांकि, 36-55 वर्ष आयु वर्ग और सैलरीड क्लास के लोगों के बीच अमीर लोगों के बीच यह आंकड़ा तुलनात्मक रूप से ज्यादा है।
इनकम टैक्स से जुड़े बदलाव की आस
इस सर्वे के जरिये कंज्यूमर सेंटीमेंट्स और यूनियन बजट 2023 से उम्मीदों का आकलन किया गया। यह सर्वे 1,892 कंज्यूमर्स के बीच कराया गया था, जिनमें सैलरीड, बिजनेस ओनर्स के साथ-साथ आम आदमी और समृद्ध वर्ग के लोग भी शामिल थे। सर्वे के मुताबिक, कंज्यूमर्स ने इनकम टैक्स (income tax) के संबंध में नीतिगत बदलावों के ऐलान की आस लगा रखी है।
निवेश पर टैक्स रिबेट में हो बढ़ोतरी
कंज्यूमर्स विशेष रूप से सैलरीड क्लास की सबसे बड़ी उम्मीद इनकम टैक्स में बेसिक एग्जम्प्शन लिमिट 2.5 लाख रुपये से ज्यादा होने की है। इसके बाद 30 फीसदी के सबसे ज्यादा टैक्स स्लैब रेट के लिए थ्रेसहोल्ड लिमिट मौजूदा 10 लाख रुपये से ज्यादा होने की आस है।
सर्वे में भाग लेने वाले दो तिहाई से ज्यादा लोगों ने कहा कि वह सेक्शन 80सी के अंतर्गत निवेश पर टैक्स रिबेट (tax rebate) में बढ़ोतरी चाहते हैं।
हेल्थ इंश्योरेंस पर बढ़े छूट
इसके बाद, बढ़ती हेल्थकेयर कॉस्ट, हाउसहोल्ड इनकम को प्रभावित करने वाली बढ़ती महंगाई की चिंताओं के साथ, मेडिकल और हेल्थ इंश्योरेंस पर छूट में वृद्धि उपभोक्ताओं की प्रमुख मांग रही। सर्वे में कहा गया है कि यह सैलरीड सेगमेंट की प्रमुख मांग रही है।
हालांकि, भले ही सबसे बुरा दौर बीतने की उम्मीद है लेकिन महामारी अभी भी खत्म नहीं हुई है। इसलिए, अधिकांश लोगों ने कहा कि वे इस बजट में भी हेल्थकेयर पर लगातार ध्यान देना चाहते हैं। सर्वे में कहा गया कि ज्यादातर भारतीयों का इकोनॉमी के लिए पॉजिटिव आउटलुक है। लगभग 50 फीसदी लोगों का मानना है कि इकोनॉमी 2023 में आगे बढ़ेगी और 31 फीसदी को मंदी की आशंका है।
Kantar के एग्जीक्यूटिव मैनेजिंग डायरेक्टर- साउथ एशिया (इनसाइट्स डिवीजन) दीपेंदर राणा ने कहा कि भारतीय 2023 में देश के मैक्रोइकोनॉमिक प्रदर्शन को लेकर खासे पॉजिटिव हैं।