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Budget 2023: IT कंपनियों के लिए टैक्स के नियम बदलने की जरूरत, इससे इज ऑफ डूइंग बिजनेस बढ़ेगा

NASSCOM ने फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण को आईटी और IT enabled Services (ITeS) के तीन सलाह दी है। इससे ईज ऑफ डूइंग बिजनेस बढ़ेगा। अगर फाइनेंस मिनिस्टर बजट में इन सलाहों को मान लेती हैं तो आईटी इंडस्ट्री नई ऊंचाई छुएगी

MoneyControl Newsअपडेटेड Dec 14, 2022 पर 11:55 AM
Budget 2023: IT कंपनियों के लिए टैक्स के नियम बदलने की जरूरत, इससे इज ऑफ डूइंग बिजनेस बढ़ेगा
अगर फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण नैस्कॉम की सलाह मान लेती हैं तो इससे इंज ऑफ डूइंग बिजनेस बढ़ेगा।

Budget 2023: इंडिया के लिए आईटी इंडस्ट्री बहुत अहम है। यह सेक्टर बड़ी संख्या में नौकरियों के मौके पैदा करता है। इस सेक्टर की ग्रोथ से इकोनॉमी की ग्रोथ भी जुड़ी है। NASSCOM ने फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण को आईटी और IT enabled Services (ITeS) के तीन सलाह दी है। इससे ईज ऑफ डूइंग बिजनेस बढ़ेगा। अगर फाइनेंस मिनिस्टर बजट में इन सलाहों को मान लेती हैं तो आईटी इंडस्ट्री नई ऊंचाई छुएगी। इनमें एडवान्स प्राइसिंग एग्रीमेंट्स, सेफ हार्बर रूल्स और Per diem allowance की सीमा शामिल हैं। इस अलाउन्स का मतलब उस पेमेंट से है, जो एंप्लॉयी को अपने वर्क लोकेशन से बाहर काम करने पर हर दिन के लिहाज से मिलता है। इसमें वर्क ट्रिप और दूसरे ऑफिस से जुड़े काम शामिल हैं।

per diem allowance

अभी इस अलाउन्स को अगर पूरी तरह खर्च किया जाता है तो उस पर टैक्स नहीं लगता है। लेकिन, खर्च नहीं किए गए हिस्से पर टैक्स लगता है। नैस्कॉम ने वित्त मंत्री को अपनी सिफारिश में कहा है कि रोजाना खर्च के लिए per diem allownace की सीमा तय होनी चाहिए। साथ ही एंप्लॉयी के तय सीमा से ज्यादा खर्च करने पर ही डॉक्युमेंट्स सब्मिट करने की जरूरत होनी चाहिए। इसकी वजह यह है कि एप्लॉयी को अक्सर काम के सिलसिले में देश या विदेश में ट्रेवल करना पड़ता है। इस दौरान कंपनियां उन्हें per diem allowance देती हैं।

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