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Budget 2023: जयंत सिन्हा ने कैपिटल गेंस टैक्स के नियमों में बदलाव को बताया जरूरी, जानिए क्या कहा

बजट 2023-24: पब्लिक मार्केट के विपरीत प्राइवेट मार्केट में इनवेस्टर को लंबी अवधि की होल्डिंग्स पर ज्यादा कैपिटल गेन टैक्स चुकाना होता है। प्राइवेट मार्केट में किए जानें वाले निवेश में निजी कंपनियों के इक्विटी और डेट में किया जाने वाला निवेश शामिल है

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 14, 2023 पर 10:44 AM
Budget 2023: जयंत सिन्हा ने कैपिटल गेंस टैक्स के नियमों में बदलाव को बताया जरूरी, जानिए क्या कहा
स्टार्टअप ईको सिस्टम हमारे देश के लिए एक बड़ी ताकत है। इसको ध्यान में रखते हुए हमें कैपिटल गेन नियमों में सुधार की जरूरत है

बजट 2023-24: अगले यूनियन बजट में कैपिटल गेंस टैक्स (capital gains tax) के नियमों में कुछ बदलाव देखने को मिल सकते हैं। सरकार इक्विटी के मामले में सार्वजनिक (public) और निजी (Private) बाजारों के बीच नियमों में समानता लाने की मांग पर विचार कर रही है। फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) 1 फरवरी को यूनियन बजट पेश करेंगी। यह अगले साल लोकसभा चुनावों से पहले मोदी सरकार का आखिरी पूर्ण बजट होगा।

पूर्व वित्त राज्यमंत्री और वित्त से जुड़ी संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष जयंत सिन्हा ने मनीकंट्रोल से बातचीत में कहा " जहां तक पब्लिक मार्केट की बात है तो हमारे पास कैपिटल गेन टैक्स पर काफी अच्छी व्यवस्था है। पब्लिक बाजार में यदि आपकी होल्डिंग अवधि अपेक्षाकृत कम है या सिर्फ एक वर्ष है तो आपको काफी कम कैपिटलगेन टैक्स चुकाना होता है। लेकिन प्राइवेट बाजारों में ये नियम लागू नहीं होते"।

पब्लिक मार्केट के विपरीत प्राइवेट मार्केट में आपको लंबी अवधि की होल्डिंग्स पर ज्यादा कैपिटल गेन टैक्स चुकाना होता है। प्राइवेट मार्केट में किए जानें वाले निवेश में निजी कंपनियों के इक्विटी और डेट में किया जाने वाला निवेश शामिल होता है।

वित्त से संबंधित संसदीय समिति नियमों में बदलाव की सिफारिश कर चुकी है

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