कई लोग बेहतर करियर, बड़ी सैलरी और ऊंचे पद को सफलता की पहचान मानते हैं, लेकिन ऑस्ट्रेलिया की ग्रेस मैक्लेलैंड ने एक ऐसा फैसला लिया जिसने सबको सोचने पर मजबूर कर दिया। 66 लाख रुपये सालाना कमाने वाली इस महिला ने तनाव और लगातार दबाव से परेशान होकर अपनी हाई-प्रोफाइल नौकरी छोड़ दी। इसके बाद उन्होंने कम वेतन वाली रिसेप्शनिस्ट और ऑफिस मैनेजर की नौकरी चुनी। ग्रेस का कहना है कि कम पैसे के बावजूद इस फैसले ने उन्हें वह चीजें वापस दीं, जो उनकी पुरानी नौकरी उनसे छीन रही थी समय, ऊर्जा और मानसिक शांति। उनकी कहानी बताती है कि कभी-कभी करियर में आगे बढ़ने से ज्यादा जरूरी खुद की खुशहाली और संतुलित जिंदगी होती है।
