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RBI ने रेपो रेट बढ़ाकर 5.5% किया: जानिए बॉन्ड, डेट फंड्स और आपके पोर्टफोलियो पर क्या पड़ेगा असर

RBI Repo Rate Hike Impact: आरबीआई ने रेपो रेट में 0.25% का इजाफा कर दिया है, जिससे कर्ज महंगे होने के साथ-साथ फिक्स्ड इनकम और बॉन्ड मार्केट में हलचल तेज हो गई है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस फैसले से आपके डेट म्यूचुअल फंड्स और एफडी के रिटर्न पर सीधे क्या प्रभाव पड़ेगा? जहां लंबी अवधि के फंड्स पर दबाव दिख रहा है, वहीं नए निवेशकों के लिए ऊंची दरों पर पैसा लगाने का यह एक सुनहरा मौका बन सकता है। जानिए कि आपको अपने पोर्टफोलियो में अब क्या तुरंत बदलाव करने चाहिए

Curated By: Abhishek Guptaअपडेटेड Oct 07, 2026 पर 12:56 PM
RBI ने रेपो रेट बढ़ाकर 5.5% किया: जानिए बॉन्ड, डेट फंड्स और आपके पोर्टफोलियो पर क्या पड़ेगा असर
जब रिजर्व बैंक रेपो रेट बढ़ाता है, तो वाणिज्यिक बैंकों के लिए आरबीआई से कर्ज लेना महंगा हो जाता है

RBI Repo Rate Hike 5.5 Impact: भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति ने बुधवार को रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट्स (0.25%) का इजाफा करते हुए इसे 5.50 प्रतिशत कर दिया है। केंद्रीय बैंक के इस फैसले से जहां एक तरफ अर्थव्यवस्था में कर्ज लेना महंगा होगा, वहीं दूसरी तरफ ऊंची ब्याज दरों के नए दौर की शुरुआत का साफ संकेत भी मिलता है।

आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बढ़ती महंगाई, बाजार की तरलता और वैश्विक बॉन्ड यील्ड के दबाव को देखते हुए इस दर बढ़ोतरी का ऐलान किया। इस बड़े फैसले के बाद अब निवेशकों के मन में सबसे बड़ा सवाल यह है कि बॉन्ड यील्ड, डेट म्यूचुअल फंड्स के रिटर्न और आने वाले महीनों के लिए उनकी निवेश रणनीति पर इसका क्या असर पड़ेगा।

बॉन्ड और डेट फंड्स पर क्या होगा असर?

जब रिजर्व बैंक रेपो रेट बढ़ाता है, तो वाणिज्यिक बैंकों के लिए आरबीआई से कर्ज लेना महंगा हो जाता है। इसका सीधा असर बाजार की ब्याज दरों और बॉन्ड यील्ड पर पड़ता है। वित्तीय बाजार का मूलभूत नियम है कि जब बॉन्ड यील्ड ऊपर जाती है, तो पहले से मौजूद बॉन्ड्स की कीमतें नीचे गिरती हैं। हालांकि, जानकारों का मानना है कि इस बढ़ोतरी का बड़ा हिस्सा बॉन्ड मार्केट में पहले ही डिस्काउंट हो चुका था।

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