Budget 2023 में LTCG में सुधार से जोश में आएंगे तेजड़िये, लेकिन नीतिगत अनिश्चितता से निराश होगा बाजार: निर्मल जैन

Budget 2023 :  आईआईएफएल के चेयरमैन निर्मल जैन ने कहा कि लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स को व्यवस्थित करन सहित कई कदमों से बाजार में पॉजिटिव सेंटीमेंट पैदा होने का अनुमान है। सरकार को मेक इन इंडिया जैसी नीतियों पर जोर बनाए रखना चाहिए, जिससे मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को प्रोत्साहन मिलता है। अगर कैपिटल गेन टैक्स बढ़ा तो बाजार को समस्या होगी

अपडेटेड Jan 23, 2023 पर 12:42 PM
Budget 2023 : आईआईएफएल (IIFL) के चेयरमैन निर्मल जैन ने कहा, ऐसा लोकलुभावन बजट बाजार के सेंटीमेंट को प्रभावित करेगा, जिससे नीतिगत अनिश्चितता पैदा होगी

Budget 2023 :  लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG) टैक्स को व्यवस्थित करना, राजकोषीय अनुशासन और मध्यम अवधि में नीतियों में स्थायित्व से बाजार में पॉजिटिव सेंटीमेंट पैदा होने का अनुमान है। आईआईएफएल (IIFL) के चेयरमैन निर्मल जैन ने मनीकंट्रोल दिए एक एक्सक्लूजिव इंटरव्यू में यह बात कही। जैन ने कहा कि सरकार को मेक इन इंडिया (Make In India) जैसी नीतियों पर जोर बनाए रखना चाहिए, जिससे मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को प्रोत्साहन मिलता है। उन्होंने कहा कि कैपिटल गेन टैक्स या एस्टेट ड्यूटी में बढ़ोतरी से एक हद तक बाजार की चिंता बढ़ेगी।

लोकलुभावन बजट से अनिश्चितता पैदा होगी

जैन ने कहा, “ऐसा लोकलुभावन बजट बाजार के सेंटीमेंट को प्रभावित करेगा, जिससे नीतिगत अनिश्चितता पैदा होगी।”


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उन्होंने कहा कि मेक इन इंडिया थीम को संभवतः यूनियन बजट में बढ़ावा दिया जाएगा। इससे महंगाई और मंदी की आशंका से जूझती दुनिया में भारत एक आकर्षक स्थल के रूप में उभरेगा।

चीन का विकल्प बनेगा भारत

जैन को उम्मीद है कि भारत आउटसोर्स की तलाश में लगी कंपनियों के लिए चीन के एक विकल्प के रूप में उभरेगा। उन्होंने कहा कि यह देश के लिए एक अच्छा अवसर है। सरकार को पीएलआई स्कीम (production linked incentive) के साथ मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की ग्रोथ को रफ्तार देना चाहिए।

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प्राइवेट कैपेक्स में पुनरुद्धार के संकेतों के साथ, उन्हें उम्मीद है कि सरकार को सार्वजनिक पूंजी खर्च और निवेश पर खासा जोर देना चाहिए। जैन ने कहा कि विशेषकर एक्सपोर्ट केंद्रित इकाइयों में ज्यादा क्षमता इस्तेमाल के दम पर निजी पूंजी खर्च में ग्रोथ आएगी।

12 महीनों में बढ़ेगा निजी पूंजी खर्च

उन्होंने कहा, “अगले 12 महीनों में प्राइवेट कैपेक्स को रफ्तार पकड़नी चाहिए। मुझे उम्मीद है कि सरकार कर और नीतिगत स्थायित्व (जैसे इंसेंटिव) के लिहाज से एक स्थायी माहौल सुनिश्चित करेगी।”

IIFL के चेयरमैन का मानना है कि सरकार को किसानों और गरीबों सहित समाज के निचले तबके को बढ़ावा देना चाहिए।

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