Budget 2023: यूनियन बजट 2023 (Union Budget) से पहले लोग सावधानी बरतने के मूड में हैं। इसकी वजह ग्लोबल इकोनॉमी पर मंदी का मंडराता खतरा और कोरोना की महामारी के लौटने का डर है। चार में से हर तीन व्यक्ति इनफ्लेशन के बढ़ते खतरे को लेकर फिक्रमंद है। लोगों का मानना है कि सरकार को इनफ्लेशन को काबू में रखने के लिए बड़े उपायों के ऐलान करने चाहिए। एनालिटिक्स कंपनी Kantar के एक सर्वे से यह जानकारी मिली है। हर चार में से एक व्यक्ति को नौकरी जाने की भी आशंका है। पैसे वाले लोगों और खासकर 36-55 साल के सैलरीड क्लास के लोगों में यह डर ज्यादा है। इस सर्वे में यूनियन बजट 2023 में कंज्यूमर सेंटिमेंट्स और बजट से लेकर लोगों की उम्मीदों को जानने की कोशिश की गई। फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को यूनियन बजट पेश करेंगी।
