Budget 2023: RBI ने नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनियों (NBFC) के लिए नियम सख्त किए हैं। इससे वे नाशुख हैं। उनका कहना है कि उनके लिए भी बैंकों जैसे नियम बना दिए गए हैं, जिससे एनबीएफसी के रूप में उन्हें जो फायदे मिलते थे, वे खत्म हो गए हैं। एनबीएफसी का प्रतिनिधित्व करने वाली संस्था Finance Industry Development Council (FIDC) ने बजट (Union Budget) से पहले अपनी मांग के बारे में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को बताया है। इसमें कहा गया है कि अगर उन पर भी बैंकों जैसे नियम लागू किए जाते हैं तो एनबीएफसी के मॉडल को नुकसान होगा। इससे उन इलाकों और लोगों तक कर्ज की सुविधाएं पहुंचाने में दिक्कत आएगी, जिनकी पहुंच बड़े बैंकों तक नहीं है। एनबीएफसी समाज के उस वर्ग को कर्ज लेने की सुविधा देती हैं, जिनके लिए बड़े बैंकों से कर्ज लेना मुश्किल होता है।
