Union Budget 2023: निर्मला सीतारमण के इन उपायों से क्रिप्टो मार्केट में लौटेगी रौनक

Union Budget 2023: क्रिप्टो के लिए यह साल अच्छा नहीं रहा है। क्रिप्टो इनवेस्टर्स का मानना है कि वित्त मंत्री डिजिटल एसेट्स (Digital Assets) के लिए टैक्स के नियमों को नरम बनाएंगी। क्रिप्टो के लिए टैक्स के नियम दूसरे एसेट क्लास जैसे होंगे। इससे फिर से क्रिप्टो इंडस्ट्री में रौनक आएगी

अपडेटेड Dec 08, 2022 पर 9:58 AM
फाइनेंस मिनिस्टर ने बजट 2022 में वर्चुअल डिजिटल एसेट्स (क्रिप्टो) में निवेश से होने वाले प्रॉफिट पर 30 फीसदी रेट से टैक्स लगाने का ऐलान किया था।

Union Budget 2023: क्रिप्टोकरेंसी (Crypto Currency) सेक्टर को इस बार यूनियन बजट (Union Budget) से बहुत उम्मीदें हैं। खासकर क्रिप्टो इनवेस्टर्स का मानना है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) उनके जख्म पर मरहम लगा सकती हैं। दरअसल, बजट 2022 में फाइनेंस मिनिस्टर ने क्रिप्टोकरेंसी पर टैक्स (Tax on Crypto Currencies) लगाने का ऐलान किया था। इसका काफी असर क्रिप्टोकरेंसी पर पड़ा है। ट्रेडिंग वॉल्यूम काफी घटा है। क्रिप्टो के लिए यह साल अच्छा नहीं रहा है। क्रिप्टो इनवेस्टर्स का मानना है कि वित्त मंत्री डिजिटल एसेट्स (Digital Assets) के लिए टैक्स के नियमों को नरम बनाएंगी। क्रिप्टो के लिए टैक्स के नियम दूसरे एसेट क्लास जैसे होंगे। अगर, सीतारमण बजट में क्रिप्टो इंडस्ट्री के लिए राहत का ऐलान करती हैं तो इससे फिर से इस सेक्टर में रौनक लौटेगी। क्रिप्टो में फिर से इनवेस्टर्स की दिलचस्पी बढ़ेगी।

इंडियन क्रिप्टो मार्केट के लिए खराब रहा यह साल

इस साल क्रिप्टो मार्केट क्रैश कर गया। घरेलू क्रिप्टो एक्सचेंजों पर ट्रेडिंग वॉल्यूम करीब 90 फीसदी गिरा। क्रिप्टो के प्राइसेज में बड़ी गिरावट आई। इसका असर क्रिप्टो में इनवेस्टमेंट पर पड़ा। इससे पहले इंडिया में क्रिप्टो में इनवेस्टर्स की दिलचस्पी तेजी से बढ़ रही थी। एक समय में इंडिया में क्रिप्टो के इनवेस्टर्स की संख्या 1 करोड़ से ऊपर पहुंच गई थी। उन्होंने क्रिप्टो एसेट्स में करीब 6 अरब डॉलर इनवेस्ट किए थे। इनवेस्टर्स को उम्मीद है कि इस बार बजट में फाइनेंस मिनिस्टर क्रिप्टो इंडस्ट्री की हालत की सुध लेंगी। वह इस इंडस्ट्री के लिए बड़े ऐलान करेंगी।


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क्रिप्टो एसेट्स पर टैक्स लगाने का पड़ा बड़ा असर

फाइनेंस मिनिस्टर ने बजट 2022 में वर्चुअल डिजिटल एसेट्स (क्रिप्टो) में निवेश से होने वाले प्रॉफिट पर 30 फीसदी रेट से टैक्स लगाने का ऐलान किया था। इसके अलावा ऐसे ऐसेट्स के ट्रांसफर पर 1 फीसदी TDS का भी ऐलान किया गया था। CoinDCX के को-फाउंडर सुमित गुप्ता ने कहा, "1 फीसदी टीडीएस लगने की वजह से इंडिया में वीडीए एक्सचेंजों को काफी नुकसान हुआ है। हालांकि, क्रिप्टो में इंडियंस की दिलचस्पी अब भी बनी हुई है। इंडियन एक्सचेंजों के वॉल्यूम में बड़ी गिरावट आई है, जबकि विदेशी प्लेटफॉर्म के जरिए इंडियन इनवेस्टर्स का निवेश काफी बढ़ा है।"

टीडीएस घटाने से इनवेस्टर्स को मिलेगी राहत

उन्होंने कहा कि 1 फीसदी टीडीएस लगाने का मकसद क्रिप्टो एसेट्स के मूवमेंट को ट्रैक करना था। लेकिन, इससे इनवेस्टमेंट देश में होने के बजाय विदेशी प्लेटफॉर्म से होने लगा है। अगर टीडीएस के रेट को घटाकार 0.01 फीसदी कर दिया जाए तो इंडियन इनवेस्टर्स फिर से इंडियन एक्सचेंजों के जरिए इनवेस्ट करना शुरू कर देंगे। इससे सरकार को भी फायदा होगा। अभी विदेश के प्लेटफॉर्म के जरिए इनवेस्टमेंट होने से सरकार को भी नुकसान हो रहा है। देशी प्लेटफॉर्म के जरिए निवेश होने से सरकार को टैक्स से रेवेन्यू होगा।

क्रिप्टो के नियम भी दूसरे एसेट्स क्लास जैसे बनाने की जरूरत

CoinSwitch के को-फाउंडर आशीष सिंघल ने कहा कि कम टैक्स और टीडीएस के कम रेट से पूरे क्रिप्टो सेक्टर को फायदा होगा। पॉलिसी में थोड़ा बदलाव करने से न सिर्फ सेंटिमेंट बेहतर होगा बल्कि इससे इंडिया को डिजिटल इकोनॉमी बनाने के टारगेट को हासिल करने में भी मदद मिलेगी। गोल्ड, शेयर और बॉन्ड्स जैसे ट्रेडिशनल एसेट्स के लिए अभी जो नियम हैं, वैसे ही नियम क्रिप्टो के लिए होने चाहिए। क्रिप्टो इनवेस्टर्स को भी एक एसेट से होने वाले लॉस को दूसरे एसेट के गेंस के साथ सेट-ऑफ करने की इजाजत होनी चाहिए।

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