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बजट 2023: निर्मला सीतारमण 300-400 वंदे भारत ट्रेनों का ऐलान कर सकती हैं

बजट 2023: वंदे भारत सेमी-हाई स्पीड ट्रेनें (Semi High-speed trains) हैं। अभी कुछ रूटों पर यह ट्रेनें चलाई जा रही हैं। सरकार दूसरे रूटों पर भी यह ट्रेन चलना चाहती है। इससे यात्रियों को एक जगह से दूसरी जगह जाने में कम समय लगेगा। खासकर लंबी दूरी के यात्रियों को काफी फायदा होगा

MoneyControl Newsअपडेटेड Dec 06, 2022 पर 6:13 PM
बजट 2023: निर्मला सीतारमण 300-400 वंदे भारत ट्रेनों का ऐलान कर सकती हैं
वंदे भारत ट्रेनों की स्पीड राजधानी और शताब्दी के मुकाबले ज्यादा है। वंदे भारत की मैक्सिमम स्पीड 180 किलोमीटर प्रति घंटा है।

बजट 2023: सरकार का फोकस रेलवे के आधुनिक बनाने और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने पर है। पिछले कुछ सालों से सरकार रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर (Railway Infrastructure) को बेहतर बनाने पर काफी निवेश कर रही है। सरकार की योजना ज्यादा संख्या में वंदे भारत (Vande Bharat Trains) ट्रेनें चलाने की है। सूत्रों का कहना है कि 1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) 300-400 वंदे भारत ट्रेनों का ऐलान कर सकती हैं। वंदे भारत सेमी-हाई स्पीड ट्रेनें (Semi High-speed trains) हैं। अभी कुछ रूटों पर यह ट्रेनें चलाई जा रही हैं। सरकार दूसरे रूटों पर भी यह ट्रेन चलना चाहती है। इससे यात्रियों को एक जगह से दूसरी जगह जाने में कम समय लगेगा। साल 2017 से रेल बजट अलग से पेश नहीं होता है। फाइनेंस मिनिस्टर यूनियन बजट के साथ रेलवे के आय-व्यय का भी ब्योरा देती हैं। वह रेलवे की नई योजनाओं का भी ऐलान करती हैं।

वंदे भारत ट्रेनों की स्पीड राजधानी और शताब्दी के मुकाबले ज्यादा

अभी राजधानी (Rajdhani) और शताब्दी (Shatabdi) रेलवे की सबसे तेज रफ्तार से चलने वाली ट्रेनें हैं। सरकार की योजना इनकी जगह वंदे भारत ट्रेनों को चलाने की है। इसकी वजह यह है कि वंदे भारत ट्रेनों की स्पीड राजधानी और शताब्दी के मुकाबले ज्यादा है। वंदे भारत की मैक्सिमम स्पीड 180 किलोमीटर प्रति घंटा है। इससे लंबी दूरी के सफर में लगने वाला समय काफी कम हो जाएगा। सरकार की योजना अगले वित्त वर्ष में करीब 100 वंदे भारत ट्रेनों का उत्पादन करने की है।

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