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बजट 2023: नेशनल इम्यूनाइजेशन प्रोग्राम में शामिल होगी सर्वाइकल कैंसर की वैक्सीन, निर्मला सीतारमण कर सकती हैं ऐलान

हेल्थ मिनिस्ट्री ने फाइनेंस मिनिस्ट्री से Human Papillomavirus (HPV) वैक्सीन को नेशनल इम्यूनाइजेशन प्रोग्राम में शामिल करने की गुजारिश की है। मिनिस्ट्री ने कहा है कि सर्वाइकल कैंसर की वैक्सीन सुरक्षित है। इसे 9-14 साल की लड़कियों को लगाया जा सकता है

MoneyControl Newsअपडेटेड Dec 17, 2022 पर 5:07 PM
बजट 2023: नेशनल इम्यूनाइजेशन प्रोग्राम में शामिल होगी सर्वाइकल कैंसर की वैक्सीन, निर्मला सीतारमण कर सकती हैं ऐलान
अगर सरकार सर्वाइकल कैंसर की वैक्सीन को नेशनल इन्यूनाजेशन कार्यक्रम में शामिल करती है तो इससे महिलाओं को इस बीमारी की चपेट में आने से बचाने में मदद मिलेगी। बड़ी संख्या में उन महिलाओं को सरकार की तरफ से मुफ्त वैक्सीन लगाई जा सकेगी, जिनके लिए अपने खर्च से यह वैक्सीन लगवाना मुमकिन नहीं है।

बजट 2023: फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) हेल्थ सेक्टर के लिए इस बार बड़ा ऐलान कर सकती हैं। अनुमान है कि वित्त मंत्री हेल्थ मिनिस्ट्री के उस डिमांड को मान लेंगी, जिसमें सर्वाइकल कैंसर की वैक्सीन (Cervical cancer vaccine) को सरकार के नेशनल इम्यूनाइजेशन प्रोग्राम (National Immunization program) में शामिल करने की मांग की गई थी। सर्वाइकल कैंसर महिलाओं को होने वाला दूसरा सबसे बड़ा कैंसर है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर सरकार इसे नेशनल इन्यूनाजेशन कार्यक्रम में शामिल करती है तो इससे महिलाओं को इस बीमारी की चपेट में आने से बचाने में मदद मिलेगी। बड़ी संख्या में उन महिलाओं को सरकार की तरफ से मुफ्त वैक्सीन लगाई जा सकेगी, जिनके लिए अपने खर्च से यह वैक्सीन लगवाना मुमकिन नहीं है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी, 2023 को यूनियन बजट (Union Budget) पेश करेंगी।

हेल्थ मिनिस्ट्री ने वित्त मंत्री से की है गुजारिश

हेल्थ मिनिस्ट्री ने फाइनेंस मिनिस्ट्री से Human Papillomavirus (HPV) वैक्सीन को नेशनल इम्यूनाइजेशन प्रोग्राम में शामिल करने की गुजारिश की है। मिनिस्ट्री ने कहा है कि सर्वाइकल कैंसर की वैक्सीन सुरक्षित है। इसे 9-14 साल की लड़कियों को लगाया जा सकता है। स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि सरकार इस वैक्सीन को रियायती दर पर खरीद सकती है। इससे महिलाओं के लिए बेहतर हेल्थ प्लानिंग में सरकार को मदद मिलेगी। इंडिया में 45 साल तक की महिलाएं एचीवी वैक्सीन लगवा सकती हैं। हालांकि, डॉक्टर की सलाह है कि इसे 9 से 14 साल की उम्र के दौरान लड़कियों को लगाना सबसे अच्छा रहता है। इस उम्र के लड़कियों के एचपीवी वायरस के संपर्क में आने की बहुत कम आशंका होती है।

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