Budget 2023: फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) के अगले यूनियन बजट (Union Budget) में रेलवे के इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस जारी रहने की उम्मीद है। बजट में अतिरिक्त 1,00,000 किलोमीटर रेल लाइन बनाने के लिए टाइम लाइन का ऐलान हो सकता है। वित्त मंत्री मौजूदा सिंगल लाइन को डबल करने के प्लान के बारे में भी बता सकती हैं। सरकार रेलवे के लिए अगले 25 साल के प्लान पर फोकस कर रही है। अगले फाइनेंशियल ईयर में करीब 4,000 किलोमीटर रेल लाइन के कंस्ट्रक्शन पर काम शुरू हो जाने की उम्मीद है। साल 2014 में केंद्र में नरेंद्र मोदी की सरकार बनने के बाद से रेलवे के इंफ्रास्ट्रक्चर (Railway Infrastructure) पर फोकस बढ़ा है। सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बनाने, गुड्स एंड पैसेंजर्स ट्रेनों की स्पीड बढ़ाने और ट्रैवलर को बेहतर एक्सपीरियंस देने पर फोकस कर रही है। साथ ही सेफ्टी पर भी खास ध्यान दिया जा रहा है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी, 2023 को अगला यूनियन बजट (Union Budget 2023) पेश करेंगी।
रेवेन्यू अनुमान बढ़ने की उम्मीद नहीं
सूत्रों का कहना है कि रेलवे फाइनेंशियल ईयर 2023-24 के लिए रेवेन्यू का अनुमान पिछले फाइनेंशियल ईयर के लेवल पर रख सकता है। फाइनेंशियल ईयर में रेलवे का इनटर्नल रेवेन्यू 2,40,000 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। यह फाइनेंशियल ईयर 2021-22 के संशोधित रेवेन्यू अनुमान से 19 फीसदी ज्यादा है। फाइनेंशियल ईयर 2022-23 रेवेन्यू में अच्छी ग्रोथ की वजह फाइनेंशियल ईयर 2021-22 का रेवेन्यू का लो बेस है। तब कोरोना की महमारी का असर रेल सेवाओं पर पड़ा था।
रेलवे पीएसयू का होगा विलय
सरकार रेलवे से जुड़ी सरकारी कंपनियों के विलय के बारे में सोच रही है। वह रोलिंग स्टॉक, वैगन और लोकोमोटिव बनाने वाली सभी सरकारी कंपनियों का विलय कर एक बड़ी कंपनी बनाना चाहती है। इस प्रोसेस की शुरुआत सितंबर 2021 में हो गई थी। तब फाइनेंस मिनिस्ट्री ने रेलवे मिनिस्ट्री को रेलवे से जुड़ी सात सरकारी कंपनियों के विलय का प्लान बनाने को कहा था।
कई पीएसयू का कामकाज एक जैसा
इस मामले की जानकारी रखने वाले एक अधिकारी ने बताया कि रेलवे के सभी रोलिंग स्टॉक और लोकोमोटिव पीएसयू के विलय के लिए रिपोर्ट तैयार हो गई है। इसे रेलवे बोर्ड का एप्रूवल मिल चुका है। इसका ऐलान बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण कर सकती हैं। बताया जाता है कि विलय की यह प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से पूरी की जाएगी। फाइनेंस मिनिस्ट्री ने रेलवे बोर्ड को रेलवे के अलग-अलग ऑर्गेनाइजेशंक के ऑपरेशन में भी कमी लाने को कहा है ताकि वे अपने मुख्य काम पर फोकस बढ़ा सकें।
पूर्व प्रिंसिपल इकोनॉमिक एडवाइजर संजीव सन्याल ने रेलवे के कई पीएसयू के ऑपरेशन एक-दूसरे से मिलतेजुलते होने के बारे में बताया था। इस बारे में उन्होंने एक रिपोर्ट भी तैयार की थी। इनमें RailTel, IRCTC, CRIS शामिल हैं। रेलटेल टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोवाइड करती है। आईआरसीटीसी टिकटिंग के लिए प्लेटफॉर्म प्रोवाइड कराती है। क्रिस पैसेंजर टिकटिंग के लिए सॉफ्टवेयर बनाती है।