Get App

Budget 2023: रेल इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए आवंटन बढ़ाने और रेलवे PSU के विलय का ऐलान कर सकती हैं निर्मला सीतारमण

Budget 2023: सरकार रेलवे से जुड़ी सरकारी कंपनियों के विलय के बारे में सोच रही है। वह रोलिंग स्टॉक, वैगन और लोकोमोटिव बनाने वाली सभी सरकारी कंपनियों का विलय कर एक बड़ी कंपनी बनाना चाहती है। इस प्रोसेस की शुरुआत सितंबर 2021 में हो चुकी है

Curated By: Rakesh Ranjanअपडेटेड Dec 20, 2022 पर 10:54 AM
Budget 2023: रेल इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए आवंटन बढ़ाने और रेलवे PSU के विलय का ऐलान कर सकती हैं निर्मला सीतारमण
सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बनाने, गुड्स एंड पैसेंजर्स ट्रेनों की स्पीड बढ़ाने और ट्रैवलर को बेहतर एक्सपीरियंस देने पर फोकस कर रही है। साथ ही सेफ्टी पर भी खास ध्यान दिया जा रहा है।

Budget 2023: फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) के अगले यूनियन बजट (Union Budget) में रेलवे के इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस जारी रहने की उम्मीद है। बजट में अतिरिक्त 1,00,000 किलोमीटर रेल लाइन बनाने के लिए टाइम लाइन का ऐलान हो सकता है। वित्त मंत्री मौजूदा सिंगल लाइन को डबल करने के प्लान के बारे में भी बता सकती हैं। सरकार रेलवे के लिए अगले 25 साल के प्लान पर फोकस कर रही है। अगले फाइनेंशियल ईयर में करीब 4,000 किलोमीटर रेल लाइन के कंस्ट्रक्शन पर काम शुरू हो जाने की उम्मीद है। साल 2014 में केंद्र में नरेंद्र मोदी की सरकार बनने के बाद से रेलवे के इंफ्रास्ट्रक्चर (Railway Infrastructure) पर फोकस बढ़ा है। सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बनाने, गुड्स एंड पैसेंजर्स ट्रेनों की स्पीड बढ़ाने और ट्रैवलर को बेहतर एक्सपीरियंस देने पर फोकस कर रही है। साथ ही सेफ्टी पर भी खास ध्यान दिया जा रहा है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी, 2023 को अगला यूनियन बजट (Union Budget 2023) पेश करेंगी।

रेवेन्यू अनुमान बढ़ने की उम्मीद नहीं

सूत्रों का कहना है कि रेलवे फाइनेंशियल ईयर 2023-24 के लिए रेवेन्यू का अनुमान पिछले फाइनेंशियल ईयर के लेवल पर रख सकता है। फाइनेंशियल ईयर में रेलवे का इनटर्नल रेवेन्यू 2,40,000 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। यह फाइनेंशियल ईयर 2021-22 के संशोधित रेवेन्यू अनुमान से 19 फीसदी ज्यादा है। फाइनेंशियल ईयर 2022-23 रेवेन्यू में अच्छी ग्रोथ की वजह फाइनेंशियल ईयर 2021-22 का रेवेन्यू का लो बेस है। तब कोरोना की महमारी का असर रेल सेवाओं पर पड़ा था।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें