Budget 2023: सरकार 1 फरवरी, 2023 को पेश होने वाले बजट (Budget 2023) में अपनी वित्तीय स्थिति (Fiscal Conditions) ठीक करने पर फोकस करेगी। दरअसल, यह 2024 के लोकसभा चुनावों से पहले सरकार का आखिरी पूर्ण बजट होगा। रायटर्स के पोल से यह जानकारी मिली है। इस पोल में हिस्सा लेने वाले इकोनॉमिस्ट्स का मानना है कि सुस्त पड़ती इकोनॉमिक ग्रोथ सरकार को ज्यादा खर्च करने से रोकेगी। केंद्र की नरेंद्र मोदी की सरकार ने 2014 में सत्ता आने के बाद से कर्ज लेकर खर्च करने की सरकार की परंपरा से दूरी बनाई है। सरकार ने फिस्कल कंसॉलि़डेशन (Fiscal Consolidation) यानी अपनी वित्तीय स्थिति को मजबूत बनाने पर फोकस किया है। हालांकि, सरकार को कोरोना की महामारी से निपटना पड़ा। इसका काफी ज्यादा असर सरकार की वित्तीय स्थिति पर पड़ा।
कोरोना की वजह से सरकार को खर्च बढ़ाना पड़ा था
कोरोना पर खर्च की वजह से फाइनेंशियल ईयर 2020-21 में फिस्कल डेफिसिट बढ़कर जीडीपी के 9.3 फीसदी पर पहुंच गया। यह फिस्कल डफिसिट के 3.5 फीसदी के टारगेट से बहुत ज्यादा था। फाइनेंशियल ईयर 2021-22 में फिस्कल डेफिसिट 6.9 फीसदी रहा। इस फाइनेंशियल ईयर में इसके 6.4 फीसदी रहने का अनुमान है। इसके आने वाले फाइनेंशियल ईयर में और कम हो जाने की उम्मीद है। रायटर्स के पोल में हिस्सा लेने वाले ज्यादातर इकोनॉमिस्ट्स का यह मानना था कि अगले फाइनेंशियल ईयर में सरकार अपनी उधारी (Borrowing) जीडीपी के 6 फीसदी तक सीमित रखने की कोशिश करेगी।
इकोनॉमिक स्लोडाउन की वजह से सरकार के पास नहीं होगी खर्च बढ़ाने की गुंजाइश
रायटर्स के इस पोल में 37 इकोनॉमिस्ट्स ने हिस्सा लिया। इसे 13 दिसंबर से 21 दिसंबर के बीच किया गया। कुछ इकोनॉमिस्ट्स ने सरकार के पूंजीगत खर्च पर फोकस रखने का भी अनुमान जताया। कोटक महिंद्रा बैंक की चीफ इकोनॉमिस्ट उपासन भारद्वाज ने कहा, "ग्लोबल इकोनॉमिक स्लोडाउन हमारी चिंता बढ़ा रहा है। इंडियन इकोनॉमी पर भी इसका कई तरह से असर पड़ेगा। इसलिए इकोनॉमिक ग्रोथ को बढ़ाने के लिए... खर्च को लगातार बढ़ाने की सीमित गुंजाइश है।" उन्होंने कहा कि हालांकि, यह बहुत हद तक सरकार के टैक्स कलेक्शन पर निर्भर करेगा।
फिस्कल डेफिसिट के टारगेट को हासिल करेगी सरकार
उन्होंने कहा कि यह साल बहुत अच्छा रहा है। लेकिन, इस तेजी के अगले साल जारी रहने की उम्मीद कम है। पोल में शामिल 80 फीसदी से ज्यादा इकोनॉमिस्ट्स का मानना था कि अगले बजट में वित्तीय स्थिति को ठीक करने पर सरकार का ज्यादा फोकस रह सकता है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी, 2023 को यूनियन बजट पेश करेंगी। इस बीच फाइनेंस मिनिस्ट्री यह साफ कर चुकी है कि बाहरी झटकों और ग्लोबल अनिश्चितताओं के बावजूद सरकार फाइनेंशियल ईयर 2025-26 तक फिस्कल डेफिसिट के 4.5 फीसदी का टारगेट हासिल करेगी।