Budget 2023: टैक्स बेस बढ़ाने, सेस और सरचार्ज हटाने से टैक्सपेयर्स को होगा फायदा, वित्त मंत्री को टैक्स एक्सपर्ट्स की सलाह

Budget 2023: हाल में आए एक स्टडी के नतीजों से पता चला है कि सिर्फ टुबैको प्रोडक्ट्स और अल्कोहल पर सरकार को टैक्स के रूप में 28,500 करोड़ रुपये से ज्यादा का लॉस उठाना पड़ता है। ज्यादा टैक्स रेट वाली चीजों की स्मग्लिंग ज्यादा की जाती है। इस पर अंकुश लगाने के लिए एनफोर्समेंट एजेंसियों की क्षमता बढ़ाने की जरूरत है

अपडेटेड Dec 23, 2022 पर 10:14 AM
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) 1 फरवरी, 2023 को यूनियन बजट पेश करेंगी। यह बजट ऐसे वक्त पेश होने जा रहा है, जब फाइनेंस मिनिस्टर पर इकोनॉमिक ग्रोथ बढ़ाने के साथ ही पूंजीगत खर्च में इजाफा के उपाय करने की चुनौती है।

Budget 2023: फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण इनकम टैक्स के मौजूदा नियमों में बड़े बदलाव का ऐलान कर सकती हैं। बजट से पहले टैक्स से जुड़े सगंठनों ने उन्हें बजट को लेकर अपनी उम्मीदों के बारे में बताया है। थिंक चेंज फोरम (TCF) ने वित्त मंत्री को टैक्स बेस बढ़ाने, सेस और सरचार्ज हटाने, कंप्लायंस में सुधार और उभरते सेक्टर को टैक्स बेनेफिट देने की सलाह दी है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि टैक्स रेवेन्यू बढ़ाने की जरूरत है, क्योंकि इससे इकोनॉमिक ग्रोथ बढ़ाने के साथ ही सरकार को विकास से संबंधित गतिविधियों पर निवेश बढ़ाने में मदद मिलेगी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) 1 फरवरी, 2023 को यूनियन बजट पेश करेंगी। यह बजट ऐसे वक्त पेश होने जा रहा है, जब फाइनेंस मिनिस्टर पर इकोनॉमिक ग्रोथ बढ़ाने के साथ ही पूंजीगत खर्च में इजाफा के उपाय करने की चुनौती है।

कंप्लायंस बढ़ाने पर सबसे ज्यादा फोकस जरूरी

एक्सपर्ट्स का कहना है कि टैक्स कलेक्शन के लिहाज से कंप्लायंस पर फोकस बढ़ाना सबसे जरूरी है। इसके चलते जरूरत से ज्यादा टैक्स, जटिल टैक्स स्ट्रक्चर, बढ़ते विवाद जैसी स्थितियों का सामना करना पड़ता है। टैक्नोलॉजी के बेहतर इस्तेमाल से कंप्लायंस पर फोकस किया जा सकता है। इससे टैक्स बेस भी बढ़ेगा। सरकार को टियर 2 शहरों से टैक्स कलेक्शन बढ़ाने पर भी जोर देना चाहिए।


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स्मग्लिंग से भी रेवेन्यू में हो रहा बड़ा नुकसान

सेंट्रल बोर्ड ऑफ इनडायरेक्ट टैक्सेज एंड कस्टम्स (CBIC) के पूर्व चेयरमैन पीसी झा ने कहा, "एनफोर्समेंट एजेंसियां अवैध व्यापार पर अंकुश लगाने की कोशिश कर रही हैं। लेकिन, टैक्स चोरी करने वाले बहुत होशियार हैं। वे देश में चीजों की स्मग्लिंग के लिए इनोवेटिव टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करते हैं। इसलिए टैक्स डिपार्टमेंट को भी मॉडर्न टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करना जरूरी है। बंदरगाहों पर ज्यादा स्कैनर्स लगाए जाने चाहिए। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल बढ़ाने की जरूरत है।" गोल्ड, टुबैको और अल्कोहल जैसी ज्यादा मार्जिन वाली चीजों पर टैक्स ज्यादा है। इसके चलते इन चीजों की स्मग्लिंग होती है।

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एनफोर्समेंट एजेंसियों की क्षमता बढ़ाने से होगा फायदा

हाल में आए स्टडी के नतीजों से पता चला है कि सरकार को सिर्फ टुबैको प्रोडक्ट्स और अल्कोहल बेवरेजेज पर टैक्स के रूप में 28,500 करोड़ रुपये से ज्यादा का लॉस होता है। एनफोर्समेंट एजेंसियों की क्षमता बढाने और आधुनिक टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल से उन लोगों में डर बढ़ेगा, जो स्मग्लिंग करते हैं। इससे टैक्स की चोरी रोकने में भी मदद मिलेगी। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के मीडिया सलाहकार रह चुके और थिंक चेंज फोरम के एडवाइजर संजय बारू का कहना है कि बड़ी संख्या में ऐसे लोग हैं, जो टैक्स चुकाने से बचते हैं। उनके खिलाफ कोई कार्रवाई भी नहीं होती है।

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