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Budget 2023: स्टार्टअप इंडस्ट्री डायरेक्ट और इनडायरेक्ट टैक्स में बदलाव के अलावा यूनियन बजट से क्या-क्या चाहती है?

Budget 2023: अभी किसी स्टार्टअप की जांच एक ही मसले पर स्टेट जीएसटी और सेंट्रल जीएसटी अलग-अलग कर सकते हैं। इससे बिजनेस को नुकसान उठाना पड़ता है। इस समस्या को दूर करने के लिए जीएसटी काउंसिल सेक्रेटेरियट जरूरी गाइडलाइंस जारी कर सकता है

MoneyControl Newsअपडेटेड Dec 09, 2022 पर 1:58 PM
Budget 2023: स्टार्टअप इंडस्ट्री डायरेक्ट और इनडायरेक्ट टैक्स में बदलाव के अलावा यूनियन बजट से क्या-क्या चाहती है?
ऑनलाइन टिकट बुकिंग के लिए वेबसाइट्स अभी नॉन-एयर-कंडिशंड स्टेज कैरियर्स टिकटों के लिए अतिरिक्त जीएसटी चार्ज करती हैं, जबकि ऑफलाइन में ऐसा नहीं है।

Budget 2023: स्टार्टअप इंडस्ट्री को 1 फरवरी को पेश होने वाले यूनियन बजट से काफी उम्मीदें हैं। स्टार्टअप इंडस्ट्री बॉडी IndiaTech.org ने इस बारे में फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण के लिखा है। इसमें स्टार्टअप पर लगने वाले डायरेक्ट और इनडायरेक्ट टैक्स में बदलाव करने की मांग की गई है। इंडिया टेक डॉट ओआरजी के सदस्यों में कई बड़े स्टार्टअप्स शामिल हैं। इनमें MakeMyTrip, Nykaa, Ola, Policybazaar, Dream11, BharatMatrimony, CoinSwithch, WazirX, Zomato, Meesho और PharmEasy शामिल हैं। इनडायरेक्ट टैक्सेज में GST सबसे अहम है। स्टार्टअप्स खासकर ट्रैवल और ई-कॉमर्स के स्टार्टअप्स को एक ही मसलें को लेकर राज्य जीएसटी और सेंट्रल जीएसटी अथॉरिटीज की जांच का सामना करना पड़ता है।

बजट में स्टार्टअप्स को राहत दे सकती है सरकार

स्टार्टअप्स को ऑनलाइन नॉन-एयर कंडिशंड बस टिकटिंग पर अतिरिक्त जीएसटी और वेडिंग मंडप बुकिंग के लिए ज्यादा जीएसटी चुकाना पड़ता है। IndiaTech.Org के सीईओ रमीश कैलाशम ने कहा कि सरकार अपने प्लान के हिसाब से इनडायरेक्ट टैक्सेज के लिए गाइडलाइंस पेश कर सकती है। लेकिन, डायरेक्ट टैक्स से जुड़े जिन मसलों के बारे में बताया गया है, उन पर जल्द से जल्द ध्यान देने की जरूरत है। इन पर बजट में ऐलान किया जा सकता है।

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