बजट 2023 : बीते दो साल में हॉस्पिटलिटी इंडस्ट्री (Hospitality Industry) ने बहुत उतार-चढ़ाव देखी है। इसकी सबसे बड़ी वजह कोरोना की महामारी रही। अच्छी बात यह है कि इंडट्री में रौनक लौट रही है। यह इंडस्ट्री तेजी से कोरोना महामारी की चोट से उबर रही है। अगर सरकार की तरफ से इसे मदद मिल जाए तो यह जल्द न सिर्फ कोरोना से पहले की ऊंचाई पर पहुंच जाएगी बल्कि ऊंचाई के नए रिकॉर्ड बनाएगी। होटल इंडस्ट्री (Hotel Industry) का मानना है कि फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) इस इंडस्ट्री की ग्रोथ को तेज करने के लिए बजट (Budget 2023) में कुछ बड़े कदम उठा सकती हैं। फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण 1 फरवरी, 2023 को यूनियन बजट (Union Budget 2023) पेश करेंगी। यह 2024 के लोकसभा चुनावों से पहले केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार का अंतिम पूर्ण बजट होगा।
होटल इंडस्ट्री पर पड़ी थी कोरोना की बड़ी चोट
होटल इंडस्ट्री का कहना है कि सरकार को होटल रूम्स पर जीएसटी रेट में बदलाव करना चाहिए। इससे होटल इंडस्ट्री में एवरेज ऑक्युपेंसी बढ़ाने में मदद मिलेगी। 2019 में एवरेज ऑक्युपेंसी 65 फीसदी थी। फाइनेंशियल ईयर 2020-21 की पहली छमाही में यह गिरकर 9 फीसदी पर आ गई। इसका सीधा असर होटल कंपनियों पर पड़ा। मार्च और जून 2020 के बीच होटल इंडस्ट्री को 8,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का रेवेन्यू लॉस उठाना पड़ा। इससे होटल कंपनियों के लिए कर्ज चुकाना भी मुश्किल हो गया।
ग्रेटर नोएडा के क्राउन प्लाजा होटल के जनरल मैनेजर शरद उपाध्याय ने कहा, "कोरोना की वजह से होटल इंडस्ट्री को बहुत ज्यादा कैंसिलेशन का सामना करना पड़ा। कंपनियों को बगैर इनकम अपने एंप्लॉयीज को सैलरी देनी पड़ी।" पणजी स्थित डबलट्री (हिल्टन गोवा) के शिव बोस ने कहा कि कोरोना की महामारी के दौरान कुछ बहुत अच्छे टैलेंट से भी कंपनी छोड़कर चले गए। इसका असर आज भी हमारे कामकाज पर दिख रहा है।
अभी क्या हैं GST के रेट्स?
अभी होटल के कमरों पर 18 फीसदी जीएसटी लगता है। सैफ्रोनस्टेज की तेजस पारुलेकर ने कहा कि जीएसटी की ज्यादा रेट के बावजूद हमें इनपुट क्रेडिट की भी ज्यादा सुविधा नहीं मिलती है। इसके बावजूद यह सेक्टर रोजगार के मौके पैदा करने में कई दूसरे सेक्टर से आगे है। अगर होटल के कमरों पर जीएसटी रेट घटाकर 12 फीसदी कर दिया जाता है तो इससे इंडस्ट्री को कई तरह से फायदा होगा। इसमें बड़ी संख्या में रोजगार के मौके भी पैदा किए जा सकेंगे।
अभी 7,500 रुपये किराए वाले कमरों पर जीएसटी का रेट 12 फीसदी है। इससे ज्यादा किराए वाले कमरों पर जीएसटी का 18 फीसदी रेट लागू होता है। इस साल 18 जुलाई से 1,000 रुपये से कम के होटल कमरों पर भी 12 फीसदी जीएसटी लगना शुरू हो गया है। फेडरेशन ऑफ होटल एंड रेस्टॉरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (FHRAI) ने कहा है कि उन्हें उम्मीद है कि वित्त मंत्री होटल कमरों पर 18 फीसदी जीएसटी की दर को घटाकर 12 फीसदी करने का ऐलान करेंगी।
टैक्स-हॉलीडे से इंडस्ट्री को होगा फायदा
उद्योग चैंबर PHDCCI ने कहा है कि होटल जैसे बिजनेसेज के लिए दो साल का टैक्स-हॉलीडे मिलना चाहिए। दरअसल, उन सेक्टर को सरकार की ज्यादा मदद की जरूरत है जिन पर कोरोना की सबसे ज्यादा मार पड़ी थी। उन्हें सरकार के ज्यादा सपोर्ट की जरूरत है। बोस ने कहा कि टैक्स के मौजूदा स्लैब को बढ़ाया नहीं जाना चाहिए, क्योंकि इसे बढ़ाने से होटल इंडस्ट्री पर खराब असर पड़ेगा।