Budget 2023: गोल्ड पर कस्टम ड्यूटी और GST घटाने की जरूरत, बढ़ेगी सोने की चमक

Budget 2023: कस्टम ड्यूटी अभी 12.5% है। इस पर 2.5% सेस लगता है। इससे कुल ड्यूटी 15% पहुंच जाती है| अगर कस्टम ड्यूटी को घटाया जाता है तो देश में स्मगलिंग को रोकने में मदद मिलेगी। गोल्ड की स्मग्लिंग से सरकार के रेवेन्यू को नुकसान पहुंचता है

अपडेटेड Dec 15, 2022 पर 1:56 PM
Budget 2023: बजट में गोल्ड पर जीएसटी घटाकर 1 फीसदी किया जाए।

योगेश सिंघल

Budget 2023: फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) यूनियन बजट (Union Budget 2023-24) 1 फरवरी 2023 को पेश करेंगी। इससे पहले वह इंडस्ट्री के सभी सेक्टर से जुड़े लोगों की राय जानने की कोशिश कर रही हैं। बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन ने भी वित्त मंत्री को बजट से अपनी उम्मीदों के बारे में बताया है। गोल्ड की खपत में भारत दुनिया में दूसरे नंबर पर  है। गोल्ड की स्मगलिंग रोकने के लिए कस्टम ड्यूटी 4% करने का ऐलान बजट में होना चाहिए। साथ  ही जीएसटी (GST) में कमी लाना भी जरूरी है। बुलियन इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के लिए बजट में निम्नलिखित उपाय किए जा सकते हैं:

1. कस्टम ड्यूटी अभी 12.5% है। इस पर 2.5% सेस लगता है। इससे कुल ड्यूटी 15% पहुंच जाती है| अगर कस्टम ड्यूटी को घटाया जाता है तो देश में स्मगलिंग को रोकने में मदद मिलेगी। अभी इस ड्यूटी से बचने के लिए गोल्ड की स्मगलिंग की जाती है।


2. सभी प्रकार के व्यापारियों पर इनकम टैक्स के निम्नलिखित स्लैब लागू करने पर सरकार को विचार करना चाहिए। इससे व्यापारी वर्ग को काफी राहत मिलेगी। 10 लाख रुपये तक की इनकम पर 5%,  50 लाख तक 10%,  1 करोड़ रुपये तक 15% और  1 करोड़ से ऊपर की इनकम पर 20% टैक्स लगाया जाना चाहिए।

यह भी पढ़ेंBudget 2023: IT कंपनियों के लिए टैक्स के नियम बदलने की जरूरत, इससे इज ऑफ डूइंग बिजनेस बढ़ेगा

3. गोल्ड पर जीएसटी की दर 1% किया जाना चाहिये। अभी यह दर अधिकतम 3 फीसदी है। इसके कारण कई बार ग्राहक पक्का बिल नहीं बनवाना चाहते हैं। अगर टैक्स कम 1 फीसदी होगा तो ग्राहकों को टैक्स देने में परेशानी नहीं होगी। अभी अगर ग्राहक 10 लाख रुपये की ज्वैलरी खरीदता है तो 3 फीसदी के हिसाब से उसे 30,000 रुपये देने होते हैं। इसलिए ग्राहक टैक्स देने में आनाकानी करता है। टैक्स 1 फीसदी होगा तो यह 10,000 रुपये बनेगा। इससे सरकार का रेवेन्यू भी बढ़ेगा, क्योंकि ज्यादातर ग्राहक टैक्स चुकाना चाहेंगे।

4. सेलर्स के जीएसटी नहीं जमा कराने पर बायर का टैक्स क्रेडिट नहीं रोकने पर विचार किया जाना चाहिये।

5. इनकम टैक्स या जीएसटी की बकाया देनदारी पर अधिकतम 6% तक ब्याज वसूले जाने पर विचार किया जाना चाहिये।

6. लेट फीस के नाम पर अधिकतम 100 रुपये जुर्माना वसूले जाने पर विचार किया जाना चाहिये।

7. खरीद पर टीडीएस व बिक्री पर टीसीएस दोनों मे से एक को तुरंत हटाने पर विचार करना चाहिये।

8. स्टॉक वैल्यूएशन पर लीफो सिस्टम लागू किये जाने पर विचार किया जाना चाहिये।

पेपरवर्क का बोझ घटाने से होगा इंडस्ट्री को फायदा

व्यापारी का ज्यादातर समय कागजी कार्यवाही मे खराब होता है, जिससे व्यापार प्रभावित होता है। वित्तमंत्री को आयात शुल्क के अलावा सभी प्रकार के टैक्स हटाकर केवल आधा (1/2%) परसेंट बैंक ट्रांजेक्शन टैक्स लगाने पर जल्द विचार करना चाहिये. इससे सरकार का रेवेन्यू बढ़ेगा। व्यापारियों को व्यापार बढ़ाने के लिये ज्यादा समय मिल सकेगा।

(योगेश सिंघल बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन के चेयरमैन हैं)

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।