Budget 2023 : माइक्रोफाइनेंस सेक्टर को इस यूनियन बजट से टैक्स नियमों में कुछ छूट मिलने की उम्मीद है। इससे इंडस्ट्री के लिए कर्ज की लागत कम करने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही सेक्टर को अपने ऑपरेशंस से जुड़े नियमों के सरल होने का भी भरोसा है। Microfinance institutions (MFIs) को कमजोर वर्ग से आने वाले अपने क्लाइंट्स को कर्ज देने के लिए बैंकों से पूंजी उधार लेनी होती है। ये लेंडर आम तौर पर माइक्रो, स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइजेस (MSMEs) और खुदरा ग्राहकों सहित कम आय वाले समूह को सेवाएं देते हैं।
