Budget 2023: आजाद भारत का पहला बजट (Budget) नवंबर 1947 में पेश हुआ था। इसे शनमुखम चेट्टी ने पेश किया था। उसके बाद से हर फाइनेंस मिनिस्टर ने अपने-अपने स्टाइल में बजट पेश किए। किसी का बजट भाषण बहुत लंबा होने की वजह से चर्चा का विषय बना तो किसी का बजट बहुत छोटा होने की वजह से लंबे समय तक लोगों को याद रहा। एक बात खास है कि ज्यादातर वित्तमंत्री ने अपने बजट भाषण में अपनी बात कहने के लिए शेर और शायरी का इस्तेमाल किया। कुछ ने कविता का भी इस्तेमाल किया। हम आपको सबसे लंबे और सबसे छोटे बजट भाषण के बारे में विस्तार से बता रहे हैं।
सबसे लंबा बजट भाषण 2:40 मिनट
सबसे लंबा बजट भाषण देने का रिकॉर्ड निर्मला सीतारमण के नाम है। उन्होंने 2020 में यह बजट भाषण दिया था। यह दो घंटे 40 मिनट का था। इसी बजट भाषण में इनकम टैक्स की नई रीजीम और एलआईसी आईपीओ का ऐलान हुआ था।
साल 2019 का बजट खास था। देश की पहली फुल टाइम महिला वित्तमंत्री ने यह बजट पेश किया था। इसमें एक दशक के लिए 10 प्वाइंट्स वाला विजन पेश किया गया था। इसमें प्री-फिलिंग ऑफ इनकम रिटर्न का भी ऐलान हुआ था। सीतारमण का यह बजट भाषण 2:17 घंटे का था।
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जसवंत सिंह का 2:13 घंटे का बजट भाषण
जसवंत सिंह का 2003 का बजट भाषण 2 घंटे 13 मिनट का था। इसमें यूनिवर्सल हेल्थ इंश्योरेंस, इनकम टैक्स रिटर्न की ई-फाइलिंग और एक्साइज एंड कस्टम ड्यूटी में कमी का प्रस्ताव शामिल था।
अरुण जेटली का 2014 का बजट
यह बजट इनकम टैक्स के लिहाज से खास था। इसमें अरुण जेटली ने इनकम टैक्स की एग्जेम्प्शन लिमिट को 2 लाख रुपये से बढ़ाकर 2.5 लाख रुपये कर दी थी। डिफेंस सेक्टर में FDI लिमिट को बढ़ाकर 49 फीसदी की गई थी। इस बजट में सरकार ने कई AIIMS संस्थान खोलने का ऐलान किया था। यह बजट 2 घंटे 10 मिनट का था।
सबसे छोटा बजट भाषण हीरूभाई एम पटेल का था। यह सिर्फ 800 शब्दों का था। इस अंतरिम बजट को पटेल ने 1977 में पेश किया था।