Budget 2024-25: इस बार पेश किए जा रहे अंतरिम बजट से हायर एजुकेशन सेक्टर को भी काफी उम्मीद हैं। हायर एजुकेशन से जुड़े संस्थान एजुकेशन आधारित रिसर्च और इनोवेशन के लिए ज्यादा बजट आवंटन, स्टूडेंट्स के लोन पर ब्याज दरों में कटौती और यूनिवर्सिटीज के लिए टैक्स का बोझ कम करने की मांग कर रहे हैं।
वित्त मंत्री ने 2023-24 के बजट में शिक्षा पर रिकॉर्ड 1.12 लाख करोड़ के खर्च का प्रस्ताव किया था, जो वित्त वर्ष 2022-23 के बजट अनुमानों से 8,621 करोड़ रुपये ज्यादा था। वित्त वर्ष 2023-24 में सिर्फ हायर एजुकेशन सेक्टर को 44,094 करोड़ रुपये आवंटित किए गए, जो 2022-23 के बजट अनुमानों (40,828 करोड़ रुपये) से 7.9 पर्सेंट कम है।
हालांकि, संस्थानों का मानना है कि यह आवंटन पर्याप्त नहीं है। शारदा यूनिवर्सिटी (Sharda University) के वाइस चांसलर डॉ. शिवराम खारा ने बताया, 'हम हायर एजुकेशन (खास तौर पर प्राइवेट संस्थानों के लिए) के बजट में 10 पर्सेंट की बढ़ोतरी की उम्मीद कर रहे हैं।' गुड़गांव स्थित संस्थान ग्रेट लेक्स इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट के डायरेक्टर और प्रोफेसर वी. पी. सिंह की भी यही राय थी। उन्होंने कहा, ' पिछले साल एजुकेशन बजट में 8 पर्सेंट की बढ़ोतरी हुई, लेकिन इस साल के आवंटन में कम से कम 20 पर्सेंट की बढ़ोतरी होनी चाहिए।'
खुद की फंडिंग वाले स्वायत्त संस्थानों को मिले सपोर्ट
शिक्षाविद चाहते हैं कि सरकार के फंड का बड़ा हिस्सा खुद की फंडिंग वाले उन स्वायत्त संस्थानों को मिले, जिन्हें ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (AICTE) से मंजूरी मिली हुई है। निश्चित तौर पर हायर एजुकेशन डिपार्टमेंट और उसके रेगुलेटर्स सभी प्रीमियम संस्थानों को फंडिंग उपलब्ध कराते हैं। हालांकि, शिक्षा से जुड़ी स्थायी समिति ने 2022 में पाया था कि स्टूडेंट को मिलने वाली वित्तीय सहायता उच्च शिक्षा के खर्च की भरपाई के लिए पर्याप्त नहीं है। ABBS स्कूल ऑफ मैनेजमेंट की डायरेक्टर डॉ. मधुमिता चटर्जी ने बताया, 'इस बात को ध्यान में रखते हुए हम उम्मीद करते हैं कि सरकार AICTE द्वारा मंजूर और खुद की फंडिंग वाले स्वायत्त संस्थानों के लिए खास फंड घोषित करेगी।'
एजुकेशनल सर्विसेज और प्रोडक्ट्स 18 पर्सेंट गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) के दायरे में आते हैं। केएल डीम्ड यूनिवर्सिटी के चांसलर के. सत्यनारायण ने बताया, ' हायर एजुकेशन वाले संस्थानों को दी जाने वाले सेवाओं पर टैक्स का बोझ 18 पर्सेंट से घटाकर 5 पर्सेंट किया जाना चाहिए।' उनके मुताबिक, ट्रेनिंग प्रोग्राम, कैंप, योगा प्रोग्राम और अन्य गतिविधियों पर भी टैक्स डिस्काउंट देने की जरूरत है। इसके अलावा, महिंद्रा यूनिवर्सिटी ने उन संस्थानों के लिए टैक्स इंसेंटिव की मांग की है, जो रिसर्च और डिवेलपमेंट में निवेश करते हैं।
हायर एजुकेशन में ग्रॉस एनरॉलमेंट रेशियो (GER) फिलहाल 27.3 पर्सेंट है। 2023 में हायर एजुकेशन में एनरॉलमेंट बढ़कर 4.14 करोड़ पर पहुंच गया। एनरॉलमेंट का आंकड़ा पहली बार 4 करोड़ के पार पहुंचा था। यह 2019-20 के मुकाबले 7.15 पर्सेंट और 2014-15 के मुकाबले 21 पर्सेंट ज्यादा है। हालांकि, केंद्र सरकार की योजना 2030 तक GER को 50 पर्सेंट तक ले जाने की है। इसमें किफायती दरों पर एजुकेशन लोन की सुविधा काफी मददगार हो सकती है। फिलहाल, बैंकों और फाइनेंशियल सर्विसेज फर्मों द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे स्टूडेंट लोन पर ब्याज दर 7% से 18% है।