Budget 2024-25 : रियल एस्टेट सेक्टर में रौनक लौट रही है। घरों की बिक्री बढ़ रही है। रियल एस्टेट कंपनियों का प्रतिनिधित्व करने वाली NAREDCO का कहना है कि सरकार से मदद मिलने पर यह सेक्टर तेज ग्रोथ दिखा सकता है। नेशनल रियल एस्टेट डेवलपमेंट काउंसिल ने इसके लिए वित्तमंत्रालय को अपनी मांग के बारे में बताया है। उसने सरकार से यूनियन बजट में 50,000 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायती मांगी है। उसने कहा है कि सरकार स्पेशल विंडो फॉर एफोर्डेबल एंड मिड-इनकम हाउसिंग (SWAMIH) फंड की दूसरी किस्त के रूप में 50,000 करोड़ रुपये की सहायता दे सकती है। उसने जीएसटी के तहत इनपुट टैक्स क्रेडिट की इजाजत देने की भी गुजारिश सरकार से की है। वित्तमंत्री Nirmala Sitharaman 1 फरवरी, 2024 को यूनियन बजट पेश करेंगी। यह अंतरिम बजट होगा। पूर्ण बजट अगले साल लोकसभा चुनावों के बाद जो नई सरकार बनेगी वह पेश करेगी।
सरकार ने नवंबर 2019 में जारी किया था फंड
NAREDCO का कहना है कि सरकार से आर्थिक सहायता मिलने पर अटके पड़े प्रोजेक्ट्स को पूरा करने में मदद मिलेगी। इस बारे में उसने केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण को एक लेटर लिखा है। इसमें रेंटल हाउसिंग के लिए इनसेंटिव की भी मांग की गई है। उसने कहा है कि इससे 'हाउसिंग फॉर ऑल' के मकसद को पूरा किया जा सकेगा। सरकार ने नवंबर 2019 में SWAMIH Fund जारी किया था। इसका मकसद 1,500 हाउसिंग प्रोजेक्ट्स को पूरा करना था। ये प्रोजेक्ट्स लंबे समय से अटके हुए थे। रियल एस्टेट कंपनियां पैसे की कमी की वजह से इन्हें पूरा नहीं कर पा रही थी। इससे घर खरीदने वाले लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा था।
फंड जारी होने से घर खरीदारों को मिली है राहत
सरकार के फंड जारी करने से बड़ी संख्या में अटके प्रोजेक्ट्स को पूरा करने में मदद मिली है। सरकार ने हाल में संसद में दी गई जानकारी में कहा था कि इस साल नवंबर तक SWAMIH के तहत 37,554 करोड़ रुपये मूल्य के 342 प्रपोजल को मंजूरी दी चुकी है। इससे 94,367 करोड़ रुपये के अटके प्रोजेक्ट्स को पूरा किया जा सकेगा। इससे करीब 2,18,699 घर खरीदारों को अपना घर मिल सकेगा। घर खरीदने वाले लोगों समय पर घर की डिलीवरी नहीं मिलने बड़ी दिक्कत का सामना करना पड़ता है। ज्यादातर लोग बैंक से लोन लेकर घर खरीदते हैं। इसके लिए उन्हें हर महीने EMI चुकानी पड़ती है।