Budget 2024: निर्मला सीतारमण ने यूनियन बजट 2023 में टैक्सपेयर्स को दिए थे ये बड़े तोहफे

Budget 2024 : सरकार का ज्यादा फोकस इनकम टैक्स की नई रीजीम पर था। इसलिए ज्यादा ऐलान भी इसी से जुड़े थे। एक्सपर्ट्स का कहना है कि सरकार इनकम टैक्स की नई रीजीम का इस्तेमाल बढ़ाना चाहती है। इसलिए यूनियन बजट में इसे अट्रैक्टिव बनाने के लिए कई ऐलान किए गए थे। शुरू होने के कई साल बाद भी न्यू रीजीम में टैक्सपेयर्स ने ज्यादा दिलचस्पी नहीं दिखाई है

अपडेटेड Dec 22, 2023 पर 2:53 PM
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Budget 2024 : ज्यादा कमाई वाले लोगों को भी यूनियन बजट 2023 में बड़ी राहत मिली थी। निर्मला सीतारमण ने कहा था कि इंडिया में सबसे ज्यादा टैक्स रेट 42.74 फीसदी है। यह दुनिया में सबसे ज्यादा टैक्स रेट्स में से एक है। उन्होंने न्यू टैक्स रीजीम में सरचार्ज रेट को 37 फीसदी से घटाकर 25 फीसदी कर दिया था।

Budget 2024 : यूनियन बजट 2023 इनकम टैक्स के लिहाज से काफी अहम था। इसमें वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman ने इनकम टैक्स के नियमों में कई बदलाव किए थे। सरकार का ज्यादा फोकस इनकम टैक्स की नई रीजीम पर था। इसलिए ज्यादा ऐलान भी इसी से जुड़े थे। एक्सपर्ट्स का कहना है कि सरकार इनकम टैक्स की नई रीजीम का इस्तेमाल बढ़ाना चाहती है। इसलिए यूनियन बजट में इसे अट्रैक्टिव बनाने के लिए कई ऐलान किए गए थे। शुरू होने के कई साल बाद भी न्यू रीजीम में टैक्सपेयर्स ने ज्यादा दिलचस्पी नहीं दिखाई है। सरकार का फोकस न्यू रीजीम पर जारी रहने की उम्मीद है। इस रीजीम में टैक्स के रेट ओल्ड रीजीम के मुकाबले कम हैं। लेकिन, टैक्सपेयर्स को डिडक्शंस और एग्जेम्प्शंस के फायदे नहीं मिलते हैं।

सालाना 7 लाख तक की इनकम पर टैक्स नहीं

निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी, 2023 को कहा था कि अब तक इनकम टैक्स की नई और पुरानी दोनों रीजीम में सालाना 5 लाख रुपये तक की इनकम वाले टैक्सपेयर्स को टैक्स नहीं चुकाना पड़ता है। मैं न्यू टैक्स रीजीम में रिबेट की लिमिट बढ़ाकर 7 लाख रुपये तक करती हूं। इसका मतलब है कि सालाना 7 लाख रुपये तक इनकम वाले टैक्सपेयर्स को नई रीजीम में टैक्स चुकाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह नौकरी करने वाले लोगों को लिए बड़ा ऐलान था, क्योंकि 7 लाख रुपये तक सालाना इनकम वाले लोगों की टैक्स लायबिलिटी बगैर किसी इनवेस्टमेंट जीरो हो गई।


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टैक्स स्लैब की संख्या छह से घटाकर 5 की गई

वित्तमंत्री ने दूसरा बड़ा बदलाव टैक्स स्ट्रक्चर में किया था। उन्होंने नई टैक्स रीजीम में टैक्स स्लैब की संख्या छह से घटाकर पांच कर दी थी। उन्होंने नई टैक्स रीजीम में टैक्स एग्जेम्प्शंस की लिमिटि भी 2.5 लाख रुपये से बढ़ाकर 3 लाख रुपये कर दी थी। इसका मतलब है कि सालाना 3 लाख रुपये इनकम वाले व्यक्ति को नई टैक्स रीजीम में टैक्स से छूट हासिल होगी। एक्सपर्ट्स का कहना है कि सरकार के इन कदमों का मकसद नई टैक्स रीजीम का इस्तेमाल बढ़ाना था।

टैक्स एग्जेम्प्शन की लिमिट बढ़ाई गई

अभी नई टैक्स रीजीम में सालाना 3 लाख रुपये तक की इनकम पर कोई टैक्स नहीं लगता है। 3 से 6 लाख रुपये तक की इनकम पर 5 फीसदी टैक्स लगता है। 6 से 9 लाख रुपये की इनकम पर 10 फीसदी टैक्स लगता है। 9 से 12 लाख रुपये की इनकम पर 15 फीसदी टैक्स लगता है। 12 से 15 लाख रुपये की इनकम पर 20 फीसदी और 15 लाख रुपये से ज्यादा इनकम पर 30 फीसदी टैक्स लगता है।

नई रीजीम में भी स्टैंडर्ड डिडक्श का फायदा

नई टैक्स रीजीम को अट्रैक्टिव बनाने के लिए सरकार ने स्टैंडर्ड डिडक्शन का फायदा इस रीजीम में भी देने का ऐलान किया था। इससे पहले स्टैंडर्ड डिडक्शन का फायदा सिर्फ इनकम टैक्स की पुरानी रीजीम में मिलता था। वित्तमंत्री के बजट में ऐलान के बाद अब दोनों रीजीम में स्टैंडर्ड डिडक्शन का फायदा मिलने लगा है। सरकार का मानना था कि स्टैंडर्ड डिडक्शन का लाभ नई टैक्स रीजीम में देने पर इसका इस्तेमाल बढ़ेगा। खासकर नौकरी करने वाले लोगों के बीच इसकी लोकप्रियता बढ़ेगी। नौकरी करने वाले कई ऐसे लोग हैं जो टैक्स सेविंग्स इंस्ट्रूमेंट्स में इनवेस्ट नहीं करते हैं।

ज्यादा कमाई वाले लोगों को भी राहत

ज्यादा कमाई वाले लोगों को भी यूनियन बजट 2023 में बड़ी राहत मिली थी। निर्मला सीतारमण ने कहा था कि इंडिया में सबसे ज्यादा टैक्स रेट 42.74 फीसदी है। यह दुनिया में सबसे ज्यादा टैक्स रेट्स में से एक है। उन्होंने न्यू टैक्स रीजीम में सरचार्ज रेट को 37 फीसदी से घटाकर 25 फीसदी कर दिया था। इनकम टैक्स का मैक्सिमम रेट घटकर 39 फीसदी पर आ गया था। पहले यह 42.74 फीसदी था।

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