Budget 2024: आम आदमी को निर्मला सीतामरण से चाहिए टैक्स में कम से कम ये 4 राहत

Budget 2024 expectations: आम आदमी को इस महीने पेश होने वाले बजट से काफी उम्मीदें हैं। उनका मानना है कि पिछले कुछ सालों में महंगाई काफी बढ़ी है, लेकिन इनकम टैक्स के मामले में उन्हें किसी तरह की राहत नहीं मिली है

अपडेटेड Jul 11, 2024 पर 10:37 PM
Modi’s Budget: लोगों के घर का बजट पिछले कुछ सालों में तेजी से बढ़ा है। आम लोगों को राहत देने के लिए सरकार स्टैंडर्ड डिडक्शन को बढ़ा सकती है।

नई एनडीए सरकार के पहले बजट में इनकम टैक्स में बदलाव की उम्मीद की जा रही है। इनकम टैक्स की नई रीजीम में टैक्स रेट्स 5 से 30 फीसदी के बीच हैं। उम्मीद है कि सरकार का फोकस नई रीजीम पर बना रहेगा। अगर सरकार इसका आकर्षण बढ़ाना चाहती है तो इसमें टैक्स स्लैब की संख्या घटानी होगी। इसे 10 फीसदी, 20 फीसदी और 30 फीसदी रखा जा सकता है। इससे टैक्स प्लानिंग में आसानी होगी। इससे नई रीजीम का आकर्षण बढ़ेगा।

स्टैंडर्ड डिडक्शन में वृद्धि

लोगों के घर का बजट पिछले कुछ सालों में तेजी से बढ़ा है। आम लोगों को राहत देने के लिए सरकार स्टैंडर्ड डिडक्शन (Standard Deduction) को बढ़ा सकती है। अभी यह 50,000 रुयये है। इसे बढ़ाकर कम से कम एक लाख रुपये किया जा सकता है। सरकार ने 2019 में स्टैंडर्ड डिडक्शन को 40,000 रुपये से बढ़ाकर 50,000 रुपये किया था। यह करीब पांच साल पहले की बात है। इस बीच इनफ्लेशन काफी बढ़ा है।

हेल्थ पॉलिसी पर ज्यादा डिडक्शन


आम आदमी को बजट में राहत मिलनी चाहिए। खासकर इनफ्लेशन और हेल्थकेयर के बढ़ते खर्च को देखते हुए उन्हें राहत की जरूरत है। इसके लिए इनकम टैक्स के सेक्शन 80डी के तहत हेल्थ पॉलिसी पर प्रीमियम बढ़ाना होगा। अभी बुजुर्गों को हेल्थ पॉलिसी पर 50,000 रुपये का डिडक्शन मिलता है। 60 साल से कम उम्र के लोगों के लिए यह 25,000 रुपये है। बुजुर्गों के लिए डिडक्शन बढ़ाकर 1 लाख रुपये करना चाहिए। 60 साल से कम उम्र के लोगों के लिए 50,000 रुपये का डिडक्शन होना चाहिए।

ओल्ड रीजीम में टैक्स में बदलाव

इनकम टैक्स की ओल्ड रीजीम में अब भी टैक्सपेयर्स की ज्यादा दिलचस्पी है। पिछले साल आए एक सर्वे के मुताबिक 80 फीसदी से अधिक इंडिविजुअल टैक्सपेयर्स ओल्ज रीजीम का इस्तेमाल करते हैं। ओल्ड रीजीम में टैक्स रेट्स काफी ज्यादा है। सालाना 10 लाख रुपये से ज्यादा की इनकम पर 30 फीसदी टैक्स लगता है। जिस तरह से पिछले कुछ सालों में लोगों के घर का बजट बढ़ा है, उसे देखते हुए 10 लाख रुपये की इनकम ज्यादा नहीं की जा सकती। इसलिए सरकार को ओल्ड रीजीम में टैक्स स्लैब में बदलाव कर टैक्सपेयर्स पर टैक्स का बोझ घटाने की जरूरत है।

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लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस टैक्स से छूट बढ़ाई जाए

कैपिटल गेंस टैक्स में सीनियर सिटीजंस को राहत देने की जरूरत है। अभी शेयरों और म्यूचुअल फंड की इक्विटी स्कीमों से 1 लाख रुपये तक लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस को टैक्स से छूट हासिल है। सीनियर सिटीजंस के लिए टैक्स से छूट की इस सीमा को बढ़ाकर 2 लाख रुपये किया जा सकता है। कई ऐसे सीनियर सिटीजंस हैं, जिन्हें रेगुलेर इनकम नहीं होती है। वे शेयरों और इक्विटी म्यूचुअल फंडों के रिटर्न का इस्तेमाल अपनी बुनियादी जरूरतें पूरी करने के लिए करते हैं।

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