Get App

Budget 2024: इस साल भी अधूरा रह जाएगा विनिवेश का लक्ष्य! पिछले 10 सालों में ₹4.20 लाख करोड़ जुटाए

Budget 2024: लोकसभा चुनाव का समय नजदीक आने के साथ ही सरकार ने निजीकरण (Privatisation) का सिलिसिला रोक दिया है। इसकी जगह सरकार ने पहले से स्टॉक मार्केट में सूचीबद्ध कंपनियों में आंशिक हिस्सेदारी बेचने का विकल्प चुना है। इसका नतीजा यह है कि केंद्र सरकार एक बार फिर इस वित्त वर्ष अपने विनिवेश के लक्ष्य को पूरा करने से चूक सकती है

Moneycontrol Newsअपडेटेड Dec 25, 2023 पर 1:16 PM
Budget 2024: इस साल भी अधूरा रह जाएगा विनिवेश का लक्ष्य! पिछले 10 सालों में ₹4.20 लाख करोड़ जुटाए
BPCL और कॉनकॉर जैसी बड़ी कंपनियों की निजीकरण योजनाएं ठंडे बस्ते में हैं

Budget 2024: लोकसभा चुनाव का समय नजदीक आने के साथ ही सरकार ने निजीकरण (Privatisation) का सिलिसिला रोक दिया है। शायद सरकार को डर है कि चुनावी साल में सराकरी कंपनियों की बिक्री जनता के बीच अच्छा संदेश नहीं देगा। विपक्ष इस मौके का लाभ उठाकर सरकार पर घर के पुश्नैनी गहनों को बेचने का आरोप लगा सकता है। इसकी जगह सरकार ने पहले से स्टॉक मार्केट में सूचीबद्ध कंपनियों में आंशिक हिस्सेदारी बेचने का विकल्प चुना है। इसका नतीजा यह है कि केंद्र सरकार एक बार फिर इस वित्त वर्ष अपने विनिवेश के लक्ष्य (Disinvestment Target) को पूरा करने से चूक सकती है।

भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (BPCL), शिपिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (SCI) और कॉनकॉर जैसी बड़ी कंपनियों के निजीकरण की योजनाएं पहले से ही ठंडे बस्ते में हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि निजीकरण अब कोई बड़ा प्रयास अप्रैल/मई में नई सरकार के गठन के बाद ही हो सकता है।

मौजूदा वित्त वर्ष में सरकार ने विनिवेश के जरिए करीब 51,000 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है। हालांकि अभी तक इसका करीब 20 प्रतिशत या 10,049 करोड़ रुपये राशि ही जुटाई जा सकी। इस राशि को आईपीओ, OFS (ऑफर-फॉर-सेल) आदि के जरिए आंशिक हिस्सेदारी बेचकर जुटाया गया है।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें