टैक्स एंड कंसल्टेंसी फर्म ईवाय ने बजट से पहले सरकार को इनकम टैक्स की बेसिक एग्जेम्प्शन लिमिट बढ़ाने की सलाह दी है। इससे पहले बजट से पहले वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण के साथ चर्चा में बेसिक एग्जेम्प्शन लिमिट बढ़ाने की सलाह दे चुके है। ईवाय ने 27 जून को कहा है कि सरकार को इनकम टैक्स की नई रीजीम में बेसिक एग्जेम्प्शन लिमिट बढ़ाकर 5 लाख रुपये करनी चाहिए। अभी नई रीजीम में यह सालाना 3 लाख रुपये है, जबकि ओल्ड रीजीम में 2.5 लाख रुपये है।
स्टैंडर्ड डिडक्शन 1 लाख रुपये करने की मांग
EY ने इनकम टैक्स की नई रीजीम में स्टैंडर्ड डिडक्शन भी दोगुना यानी एक लाख रुपये करने की मांग की है। नई टैक्स रीजीम में सालाना 7 लाख रुपये तक की इनकम पर टैक्स नहीं चुकाना पड़ता है। इससे पहले प्रमुख उद्योग चैंबर्स ने भी सरकार को लोगों पर इनकम टैक्स में राहत देने का सुझाव दिया था। उन्होंने कहा था कि इससे इकोनॉमी में डिमांड बढ़ेगी जिससे कंजम्प्शन को बढ़ावा मिलेगा।
तेज ग्रोथ के लिए कंजम्प्शन बढ़ाने के उपाय करने होंगे
इंडिया में FY24 में प्राइवेट फाइनल कंजम्प्शन एक्सपेंडिचर सिर्फ 4 फीसदी रहा, जबकि इकोनॉमी की ग्रोथ 8.2 फीसदी रही। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इकोनॉमी की यह हाई ग्रोथ कंजम्प्शन बढ़ाने के उपाय किए बगैर जारी रहने वाली नहीं है।
कैपिटल गेंस टैक्स के नियमों को तर्कसंगत बनाने की जरूरत
ईवाय ने पर्सनल इनकम टैक्स स्ट्रक्चर में बदलाव की सलाह देने के साथ ही कैपिटल गेंस टैक्स स्ट्रक्चर में भी बदलाव की जरूरत बताई है। उसने कहा है, "शेयर, शेयर आधारित म्यूचुअल फंड्स और बिजनेस ट्रस्ट की यूनिट्स की बिक्री पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस टैक्स से छूट की सीमा 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 2 लाख रुपये की जानी चाहिए।" उसने कहा है कि सिर्फ एलिजिबल स्टार्टअप्स की जगह सभी एंप्लॉयर के मामले में एंप्लॉयी स्टॉक ऑप्शंस पर टैक्स डेफरमेंट मिलनी चाहिए।
एनपीएस में एसएलडब्ल्यू के नियम स्पष्ट किए जाए
2020 के बजट में सरकार ने एलिजिबल स्टार्टअप्स को यह लाभ देने का ऐलान किया था। लेकिन, बहुत कम स्टार्टअप्स इस लाभ के लिए तय शर्तें पूरी कर पाते हैं। ईवाय ने NPS के तहत सिस्टमैटिक लंपसम विड्रॉल (SLW) पर टीडीएस के नियम को स्पष्ट करने की भी मांग की।
यह भी पढ़ें: Budget 2024: क्या इंडिया में अमीर दूसरे देशों के मुकाबले ज्यादा इनकम टैक्स चुकाते हैं?
इनकम टैक्स में मिल सकती है राहत
सरकार ने इस साल 1 फरवरी को पेश अंतरिम बजट में टैक्सपेयर्स को कई राहत नहीं दी थी। तब वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि अंतरिम बजट में सरकार बड़े ऐलान नहीं करेगी। बड़े ऐलान के लिए जुलाई में पेश होने वाले फुल बजट का इंतजार करना होगा। इसलिए उम्मीद की जा रही है कि सरकार इस बार इनकम टैक्स के मामले में राहत देगी।