Budget 2024 : स्टार्टअप्स को टैक्स बेनेफिट 31 मार्च के बाद जारी रहने की उम्मीद

Budget 2024 : एक्सपर्ट्स का कहना है कि सरकार ने इज ऑफ डूइंग बिजनेस के लिए कई कदम उठाए हैं। लेकिन, अब भी नियमों को आसान बनाने और गैर-जरूरी औपचारिकताओं को खत्म करने की जरूरत है। स्टार्टअप शुरू करने के लिए युवाओं को प्रोत्साहित करने की जरूरत है। यह तभी मुमकिन होगा, जब उनके लिए पर्याप्त इंकुबेशन और एक्सेलेरेशन सुविधाएं उपलब्ध होगी। सरकार को मेन्टॉरिंग नेटवर्क को बढ़ाने पर भी ध्यान देना होगा

अपडेटेड Dec 20, 2023 पर 10:54 AM
Budget 2024 : निर्मला सीतारमण ने यूनियन बजट 2023 में स्टार्टअप्स के लिए इनकम टैक्स बेनेफिट्स 31 मार्च, 2024 तक बढ़ाने का ऐलान किया था। उन्होंने लॉस को 7 साल की जगह 10 साल तक कैरी-फॉरवर्ड करने की इजाजत दी थी।

Budget 2024 : पिछले कुछ सालों में स्टार्टअप्स की ग्रोथ शानदार रही है। सरकार स्टार्टअप्स की मदद कर रही है। उनकी फंडिंग के लिए सरकार ने कई कदम उठाए हैं। इसके बावजूद साल 2023 फंड जुटाने के लिहाज से स्टार्टअप्स के लिए खराब रहा। इस साल स्टार्टअप्स ने सिर्फ 7 अरब डॉलर जुटाए। यह पांच साल में सबसे कम है। यह 2022 में जुटाए गए फंड से करीब 73 फीसदी कम है। इसकी बड़ी वजह यह है कि इनवेस्टर्स ऐसे स्टार्टअप्स में निवेश में दिलचस्पी दिखा रहे हैं, जो प्रॉफिट में आ गए हैं या जल्द आने वाले हैं। ऐसे में स्टार्टअप्स को वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण से काफी उम्मीदें हैं। उनका मानना है कि अगर सरकार मुश्किल वक्त में मदद नहीं करती है तो स्टार्टअप्स की ग्रोथ पर खराब असर पड़ सकता है। वित्तमंत्री Nirmala Sitharaman 1 फरवरी, 2024 को यूनियन बजट (Union Budget 2024) पेश करेंगी। यह उनका छटा बजट होगा।

बजट 2023 में हुए थे ये ऐलान

निर्मला सीतारमण ने यूनियन बजट 2023 में स्टार्टअप्स के लिए इनकम टैक्स बेनेफिट्स 31 मार्च, 2024 तक बढ़ाने का ऐलान किया था। उन्होंने लॉस को 7 साल की जगह 10 साल तक कैरी-फॉरवर्ड करने की इजाजत दी थी। एक्सपर्ट्स का कहना है कि मुश्किल वक्त में स्टार्टअप्स के लिए सरकार कई तरह से मदद दे सकती है। सबसे पहले इनकम टैक्स बेनेफिट को बढ़ाने की जरूरत है। इसकी समयसीमा अगले साल 31 मार्च को खत्म हो रही है। इससे स्टार्टअप्स शुरू करने में युवाओं की दिलचस्पी बढ़ेगी। इनवेस्टर्स भी पैसे लगाने को आगे आएंगे।


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स्टार्टअप में कॉर्पोरेशन गवर्नेंस के पालन पर जोर

एक्सपर्ट्स का कहना है कि सरकार ने इज ऑफ डूइंग बिजनेस के लिए कई कदम उठाए हैं। लेकिन, अब भी नियमों को आसान बनाने और गैर-जरूरी औपचारिकताओं को खत्म करने की जरूरत है। स्टार्टअप शुरू करने के लिए युवाओं को प्रोत्साहित करने की जरूरत है। यह तभी मुमकिन होगा, जब उनके लिए पर्याप्त इंकुबेशन और एक्सेलेरेशन सुविधाएं उपलब्ध होगी। सरकार को मेन्टॉरिंग नेटवर्क को बढ़ाने पर भी ध्यान देना होगा। सरकार स्टार्टअप्स में कॉर्पोरेट गवर्नेंस के पालन के लिए उपाय कर सकती है। पिछले 1-2 सालों में कई बड़े स्टार्टअप्स में कॉर्पोरेट गवर्नेंस से जुड़े बड़े मसले सामने आए हैं।

स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने से बढ़ेंगे रोजगार के मौके

केंद्र सरकार पर नौकरियों के मौके बढ़ाने का काफी दबाव है। अब सरकार के लिए सरकारी नौकरियों की संख्या ज्यादा बढ़ाना मुमकिन नहीं है। ऐसे में नौकरियों के मौके पैदा करने के लिहाज से स्टार्टअप्स पर फोकस बढ़ाया जा सकता है। सरकार की ज्यादातर योजनाओं का लाभ कुछ बड़े शहरों तक सीमित है। इन्हें छोटे शहरों के युवाओं को उपलब्ध कराने के उपाय जरूरी हैं। पिछले कुछ सालों में कई छोटे शहरों में शानदार स्टार्टअप्स निकलकर सामने आए हैं। सरकार को इस इकोसिस्टम को मजबूत बनाने के उपाय करने की जरूरत है।

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