Budget 2024: फाइनेंशियल सेक्टर ने टैक्स आर्बिट्रॉज की समस्या खत्म करने की मांग की

Budget 2024: फाइनेंशियल सेक्टर के प्रतिनिधियों ने 20 जून को वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण के बजट-पूर्व चर्चा में अपनी मांगों के बारे में बताया। उन्होंने टैक्स में छूट के साथ ही लंबी अवधि के हिसाब से टैक्स पॉलिसीज बनाने की जरूरत पर जोर दिया

अपडेटेड Jun 20, 2024 पर 7:07 PM
फाइनेंस मिनिस्ट्री ने इस बारे में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट किया है।

फाइनेंशियल सेक्टर के प्रतिनिधियों ने सरकार को अगले महीने आने वाले बजट के लिए सुझाव दिए हैं। फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण बजट से पहले अलग-अलग सेक्टर की बजट से उम्मीदों के बारे में जानने के लिए प्रतिनिधियों से मुलाकात कर रही हैं। सबसे पहली मीटिंग में अर्थशास्त्रियों के साथ बजट पर चर्चा हुई थी। 20 जून को फाइनेंशियल सेक्टर के प्रतिनिधियों ने वित्त मंत्री को अपनी मांगों के बारे में बताया।

टैक्स में राहत के उपायों पर जोर

फाइनेंशियल सेक्टर (Financial Sector) का कहना है कि सरकार को आने बजट में टैक्स में राहत (Tax Sops) के उपाय करने चाहिए। इस सेक्टर के प्रतिनिधियों ने दिल्ली में हुई प्री-बजट मीटिंग में निर्मला सीतारमण को टैक्स आर्बिट्राज की समस्या खत्म करने की मांग की। फाइनेंस मिनिस्ट्री ने इस बारे में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट किया है। बजट से पहले हर सेक्टर के प्रतिनिधियों की राय जानने की परंपरा है। फुल बजट अगले महीने पेश होने की उम्मीद है।


लंबी अवधि की पॉलिसी पर फोकस जरूरी

फाइनेंशियल सेक्टर के प्रतिनिधियों के साथ दो घंटे तक चली बैठक में मॉर्गन स्टैनली इंडिया कंपनी के एमडी और कंट्री हेड अरुण कोहली भी शामिल हुए। उन्होंने कहा कि सरकार को लंबी अवधि के हिसाब से अपनी टैक्स पॉलिसीज बनानी चाहिए और उसमें स्थिरता बनाए रखना चाहिए। मीटिंग में कई प्रतिनिधियों ने कैपिटल गेंस टैक्स और सिक्योरिटीज ट्रांजेक्शन टैक्स के बारे में अपने सुझाव दिए।

फाइनेंशियल मार्केट की गहराई बढ़ाने की आवश्यकता

मुथूट ग्रुप के एमडी जॉर्ज एलेक्जेंडर मुथूट ने बताया कि कुछ प्रतिनिधियों ने फाइनेंशियल मार्केट को गहरा बनाने के उपायों पर जोर दिया। साथ ही टैक्स इनसेंटिव की भी मांग की। FIDC के डायरेक्टर रमन अग्रवाल ने कहा कि हमने अपने सुझाव में कहा कि एनबीएफसी का क्रेडिट बढ़ा है और आरबीआई बैंकों पर निर्भरता को लेकर सतर्क कर चुका है। ऐसे में एनबीएफसी की रिफाइनेंसिंग के लिए SIDBI और NABARD के फंड का इस्तेमाल किया जा सकता है।

यह भी पढ़ें: Budget 2024: सालाना 20 लाख तक की इनकम पर मिलेगी टैक्स छूट, पेट्रोल-डीजल पर टैक्स घटने की भी उम्मीद

गिफ्टी सिटी से जुड़े मसलों पर स्पष्टीकरण की जरूरत

एनबीएफसी के प्रतिनिधियों ने को-लेंडिंग और सर्विस फीस पर जीएसटी के पेमेंट को लेकर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। एसेट मैनेजमेंट कंपनियों ने गिफ्टी सिटी से जुड़े मसलों पर चर्चा की। उन्होंने देश के अंदर पूंजी को बनाए रखने के उपायों पर भी जोर दिया।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।