Union Budget 2024 : अंतरिम बजट 2024 में वित्तमंत्री Nirmala Sitharaman फिस्कल डेफिसिट का 5.3 फीसदी टारगेट तय कर सकती हैं। विदेशी ब्रोकरेज फर्म BofA Securities ने यह अनुमान जताया है। उसने कहा है कि अप्रैल-मई में लोकसभा चुनावों के बावजूद अगले वित्त वर्ष के लिए फिस्कल डेफिसिट का टारगेट में कमी होने की उम्मीद है। ब्रोकरेज फर्म ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि सरकार इस वित्त वर्ष में फिस्कल डेफिसिट को टारगेट के अंदर रखने में सफल रहेगी। इस वित्त वर्ष के लिए सरकार ने फिस्कल डेफिसिट का 5.9 फीसदी टारगेट तय किया था। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को अंतरिम बजट पेश करेंगी। इसमें वह वित्त वर्ष 2024-25 के फिस्कल डेफिसिट के टारगेट का ऐलान करेंगी।
बजट 2024 में सरकार फिस्कल डेफिसिट में कमी लाने की रणनीति जारी रखेगी
ब्रोकरेज फर्म ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि सरकार एक्सपेंडिचर में कमी करने के बजाय पूंजीगत खर्च आधारित ग्रोथ के जरिए फिस्कल डेफिसिट में कमी लाने की अपनी रणनीति को जारी रखना चाहेगी। उसने कहा है कि इकोनॉमी के डिजिटाइजेशन का फायदा हुआ है। इससे एक तरफ टैक्स कलेक्शन बढ़ा है तो दूसरी तरफ सब्सिडी का पैसा गलत हाथों में जाने से रोकने में मदद मिली है। सरकार ने फिस्कल डेफिसिट में अगले कुछ साल में कमी लाने का टारगेट तय किया है। इसके मुताबिक, वह वित्त वर्ष 2025-26 तक फिस्कल डेफिसिट को जीडीपी के 4.5 फीसदी तक लाना चाहती है।
अगले वित्त वर्ष में फ्रेश मार्केट बॉरोइंग 11.6 करोड़ रहने की उम्मीद
BofA Securities को सरकार की रेवेन्यू रिसीट 10 फीसदी ग्रोथ के साथ 30.4 लाख करोड़ रुपये रहने की उम्मीद है। इसमें टैक्स रेवेन्यू में 10 फीसदी और नॉन-टैक्स रेवेन्यू में 14 फीसदी उछाल का हाथ होगा। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि नए वित्त वर्ष में सरकार को डिसइनवेस्टेमेंट से थोड़े ज्यादा पैसे मिल सकते हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि अगले वित्त वर्ष में सरकार की फ्रेश मार्केट बॉरोइंग 11.6 लाख करोड़ रुपये रहेगी। अगले वित्त वर्ष में 3.61 लाख करोड़ रुपये के डेट की मैच्योरिटी को देखते हुए ग्रॉस मार्केट बॉरोइंग 15.2 लाख करोड़ रह सकती है।