Budget 2024 : बैंकिंग सेक्टर के लिए बजट 2024 में नहीं रहा कुछ खास, जानिए पांच बड़ी बातें

आज के अपने बजट भाषण में वित्त मंत्री ने फिस्कल केसोलीडेशन के मार्ग पर आगे बढ़ने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता पर जोर दिया है। ये मॉनीटरी पॉलिसी के लिए पॉजिटिव है। वित्त वर्ष 2024 का राजकोषीय घाटा संशोधित करके सकल घरेलू उत्पाद का 5.8 फीसदी हो गया है। वित्तमंत्री का कहना है कि 2025-2026 तक राजकोषीय घाटे को 4.5 फीसदी से नीचे लाने का लक्ष्य रखा गया है

अपडेटेड Feb 01, 2024 पर 1:05 PM
टूरिज्म सेक्टर के लिए कुछ अच्छी ख़बरें हैं। सरकार प्रसिद्ध पर्यटन केंद्रों को बढ़ावा देने के लिए दीर्घकालिक ब्याज मुक्त ऋण प्रदान करेगी

बजट 2024 कुल मिलाकर बैंकिंग क्षेत्र के लिए खास नहीं (नान-इवेंट) रहा है। वित्त मंत्री का भाषण बैंकों के निजीकरण और सरकारी बैंकों के पुनर्पूंजीकरण (recapitalisation) जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर मौन रहा। बजट भाषण में क्रिप्टो नियमों का भी जिक्र नहीं किया गया है। हालांकि छोटी कंपनियों की फंडिंग उपलब्धता को बढ़ावा देने के लिए कुछ खास उपायों का एलान किया गया है। प्राइवेट सेक्टर को इनोवेशन बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए 50 साल के ब्याज मुक्त लोन के साथ 1 लाख करोड़ रुपये का कोष स्थापित किया जाएगा।

फिस्कल केसोलीडेशन पर फोकस

आज के अपने बजट भाषण में वित्त मंत्री ने फिस्कल केसोलीडेशन के मार्ग पर आगे बढ़ने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता पर जोर दिया है। ये मॉनीटरी पॉलिसी के लिए पॉजिटिव है। वित्त वर्ष 2024 का राजकोषीय घाटा संशोधित करके सकल घरेलू उत्पाद का 5.8 फीसदी हो गया है। वित्तमंत्री का कहना है कि 2025-2026 तक राजकोषीय घाटे को 4.5 फीसदी से नीचे लाने का लक्ष्य रखा गया है। महंगाई और विकास को संतुलित करने के लिए कड़ी लड़ाई लड़ रहे मॉनीटरी पॉलिसी बनाने वालों के लिए यह एक महत्वपूर्ण बयान है। रिज़र्व बैंक एक मॉनीटरी पॉलिसी नीति को लागू करने के लिए पूर्व शर्त के रूप में राजकोषीय प्रतिबद्धता( फिस्कल कमिटमेंट) की मांग कर रहा है।


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 पर्यटन केंद्रों को बढ़ावा देने के लिए दीर्घकालिक ब्याज मुक्त ऋण

टूरिज्म सेक्टर के लिए कुछ अच्छी ख़बरें हैं। सरकार प्रसिद्ध पर्यटन केंद्रों को बढ़ावा देने के लिए दीर्घकालिक ब्याज मुक्त ऋण प्रदान करेगी। उधर कम सकल उधारी (lower gross borrowing) और कम राजकोषीय घाटे (fiscal deficit) के आंकड़ों के बाद बॉन्ड बाजार के लिए राहत मिलती दिखी है।। भारतीय बॉन्ड यील्ड में 8 आधार अंक की गिरावट आई और रुपया काफी हद तक स्थिर रहा है।

सकल बाजार उधारी घटी

वित्त मंत्री ने सकल बाजार उधारी ( gross market borrowing) घटाकर 14.13 लाख करोड़ रुपये और शुद्ध उधारी (net borrowing) 11.75 लाख करोड़ रुपये कर दी है। यह चालू वित्त वर्ष के लिए घोषित 15.43 लाख करोड़ रुपये से कम है। राज्यों के विकास के लिए 75,000 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।

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