Budget 2024 : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने केंद्रीय बजट 2024 पेश करते हुए कहा कि सरकार द्वारा शुरू की गई स्टार्टअप क्रेडिट गारंटी और सिडबी फंड ऑफ फंड योजना देश के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने में मदद कर रही है। अंतरिम बजट पेश करते हुए उन्होंने कहा, "स्टार्टअप क्रेडिट गारंटी, फंड ऑफ फंड्स योजना हमारे युवाओं की सहायता कर रही है और रोजगार डेटा बन रही है।"
स्टार्टअप्स के लिए फंड ऑफ फंड्स (एफएफएस) योजना को 2016 में 10,000 करोड़ रुपये के कोष के साथ स्थापित किया गया था, जिसमें कार्यान्वयन की प्रगति के आधार पर 14 वें और 15 वें वित्त आयोग साइकिल में योगदान दिया गया था। इसका लक्ष्य स्टार्टअप इकोसिस्टम को बढ़ावा देना और घरेलू पूंजी तक इनकी पहुंच को आसान बनाना है।
FFS के तहत स्कीम स्टार्टअप में सीधे निवेश नहीं करती है, बल्कि सेबी-पंजीकृत एआईएफ को पूंजी प्रदान करती है, जिन्हें डॉटर फंड के रूप में जाना जाता है। ये बदले में इक्विटी और इक्विटी-लिंक्ड निवेश विकल्पों के जरिए ग्रोथ करते भारतीय स्टार्टअप में पैसा निवेश करते हैं। भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (सिडबी) को सही सहायक निधियों के चयन और पूंजी के वितरण की देखरेख के जरिए इस फंड के संचालन का अधिकार दिया गया है। एफएफएस के तहत चुने गए एआईएफ को स्टार्टअप्स में एफएफएस के तहत तय राशि का कम से कम 2 गुना निवेश करना जरूरी है।
स्टार्टअप इंडिया पहल के तहत सरकार देश में स्टार्टअप इकोसिस्टम के विकास के लिए लगातार तमाम कोशिशें कर रही है। सरकार स्टार्टअप्स के लिए फंड ऑफ फंड्स (एफएफएस), स्टार्टअप इंडिया सीड फंड स्कीम (एसआईएसएफएस) और स्टार्टअप्स के लिए क्रेडिट गारंटी स्कीम (सीजीएसएस) जैसी फ्लैगशिप योजनाओं के जरिए देश में स्टॉर्टअप इकोसिस्टम को मजबूती देने की कोशिश कर रही है।
सरकार राज्यों की स्टार्टअप रैंकिंग, राष्ट्रीय स्टार्टअप पुरस्कार और इनोवेशन वीक सहित कई वार्षिक इवेंट आयोजित करती है। ये स्टार्टअप इकोसिस्टम के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।