Budget 2024 : इंडिया इंक को अंतरिम बजट में कंजम्प्शन बढ़ाने वाले उपायों की उम्मीद

Budget 2024 : 2024 इंडिया के लिए बहुत अहम है। घरेलू और वैश्विक दोनों ही मोर्चे पर देश बदलाव के दौर से गुजर रहा है। उम्मीद है कि सरकार फिक्सल मैनेजमेंट के अपने संकल्प को दोहराएगी। चुनाव के बाद सरकार के खर्च के साथ ही जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता घटने से 2024 में शानदार इकोनॉमिक ग्रोथ दिख सकती है

अपडेटेड Jan 13, 2024 पर 10:19 AM
Budget 2024 : सरकार ने ग्रोथ के हिसाब से अपनी रणनीति को प्राथमिकता दी है। रोड कनेक्टिविटी में सुधार हुआ है। ट्रांसपोर्टेशन इंफ्रास्ट्रक्चर की स्थिति बेहतर हुई है। इंपोर्ट की जगह चीजों के घरेलू उत्पादन पर फोकस बढ़ा है।

Budget 2024 : वित्तमंत्री Nirmala Sitharaman 1 फरवरी को अंतरिम बजट पेश करेंगी। यह वोट-ऑन-अकाउंट होगा। अप्रैल-मई में लोकसभा चुनावों के बाद केंद्र में जो नई सरकार बनेगी वह पूर्ण बजट (Union Budget 2024) पेश करेगी। अंतरिम होने के बावजूद इस बजट में फ्यूचर पॉलिटिकल डेवलपमेंट के संभावित संकेत हो सकते हैं। इस बजट में इकोनॉमिक ग्रोथ को आगे बढ़ाने के लिए ग्राउंडवर्क हो सकता है। 2024 इंडिया के लिए बहुत अहम है। घरेलू और वैश्विक दोनों ही मोर्चे पर देश बदलाव के दौर से गुजर रहा है। उम्मीद है कि सरकार फिक्सल मैनेजमेंट के अपने संकल्प को दोहराएगी। कॉर्पोरेट इंडिया चाहता है कि RBI इलेक्टोरल इकोनॉमी इनफ्लेशन पर अंकुश लगाने के लिए इस साल के मध्य तक इंटरेस्ट रेट्स को मौजूदा लेवल पर बनाए रखे। वोट-ऑन-अकाउंट को देखते हुए कॉर्पोरेट इंडिया को उम्मीद है कि सरकार इकोनॉमिक कंजम्प्श को बढ़ावा देने वाला संदेश इस बजट के माध्यम से देगी।

बजट 2024 : रूरल सेक्टर की ग्रोथ बड़ी चुनौती

इस साल जुलाई में पूर्ण बजट में बड़े रिफॉर्म्स की उम्मीद है। यह रिफॉर्म्स लेबर, लैंड, एग्रीकल्चर और एनर्जी पॉलिसीज में हो सकते हैं। इकोनॉमी ने लचीलापन दिखाया है। फिर भी चुनौतियां बनी हुई हैं। खासकर फूड इनफ्लेशन और रूरल सेक्टर की ग्रोथ को लेकर चुनौती बरकरार है। चुनाव के बाद सरकार के खर्च के साथ ही जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता घटने से 2024 में शानदार इकोनॉमिक ग्रोथ दिख सकती है। हालांकि, सावधानी बरतने की जरूरत पड़ेगी, क्योंकि क्रूड ऑयल के ग्लोबल प्राइसेज और जियोपॉलिटिकल स्थितियों का असर पड़ सकता है।


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बजट 2024 : इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार

सरकार ने ग्रोथ के हिसाब से अपनी रणनीति को प्राथमिकता दी है। रोड कनेक्टिविटी में सुधार हुआ है। ट्रांसपोर्टेशन इंफ्रास्ट्रक्चर की स्थिति बेहतर हुई है। इंपोर्ट की जगह चीजों के घरेलू उत्पादन पर फोकस बढ़ा है। इलेक्ट्रॉनिक्स और ईवी की वैल्यू चेन बेहतर हुई है। नेशन बिल्डिंग के लिए डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने पर फोकस बढ़ा है। इंडस्ट्री को उम्मीद है कि इन पर सरकार का फोकस आगे भी जारी रहेगा।

बजट 2024 : हेल्थकेयर में निवेश बढ़ाने की जरूरत

हेल्थकेयर में निवेश के मामले में हम पीछे रहे हैं। कोरोना की महामारी से मिले सबक के बाद इस मामले में सुधार करना जरूरी है। यह काम जल्द होना चाहिए। बढ़ती आबादी और लाइफ स्टाइल से जुड़ी बीमारियों को रोकने के लिए प्रभावी उपाय करने होंगे। ऐसा नहीं करने पर पूरी इकोनॉमी पर इसका असर पड़ेगा। टैक्स में छूट सहित इनसेंटिव सिर्फ कैपिटल एक्सपेंडिचर के आधार पर नहीं मिलने चाहिए बल्कि हेल्थकेयर डिलीवरी और क्वालिटी एसेसमेंट को भी आधार बनाया जाना चाहिए। इससे निवेश आकर्षित करने में मदद मिलेगी।

श्रीनाथ श्रीधरन

(लेखक पॉलिसी रिसर्च एंड कॉर्पोरेट एडवाइजर हैं। यहां व्यक्त विचार उनके निजी विचार हैं। )

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