सरकार बजट में हाइब्रिड कार पर टैक्स घटाने का ऐलान कर सकती है। फाइनेंस मिनिस्ट्री के सूत्रों के मुताबिक, फाइनेंस मिनिस्ट्री हाइब्रिड इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (एचईवी) पर 28 फीसदी जीएसटी पर लगने वाले 15 फीसदी सेस को हटाने के भारी उद्योग मंत्रालय के विस्तार पर विचार कर रही है। अगर सरकार इस प्रस्ताव को मान लेती है तो देश में हाइब्रिड कारों की बिक्री बढ़ सकती है। इससे हाइब्रिड कार और इलेक्ट्रिक कारों के टैक्स के बीच फर्क भी कम हो जाएगा।
यूपी सरकार टैक्स में छूट का ऐलान कर चुकी है
हाल में उत्तर प्रदेश सरकार ने हाइब्रिड कारों को रोड टैक्स से छूट देने का ऐलान किया है। 2018 से पहले हाइब्रिड और बैटरी ऑपरेटेड इलेक्ट्रिक कारों के लिए नियम एक समान थे। दोनों पर इनसेंटिव मिलता था। लेकिन, 2018 में सरकार ने हाइब्रिड कारों पर मिलने वाली टैक्स छूट खत्म कर दी थी। इससे टैक्स रेट बढ़कर 43 फीसदी (28 फीसदी जीएसटी प्लस 15 फीसदी सेस) हो गया था। इस बीच जीएसटी काउंसिल ने इलेक्ट्रिक व्हीकल्स पर जीएसटी 12 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी कर दिया।
टैक्स घटने से कीमतों में आएगी कमी
JATO Dynamics India के एडी रवि भाटिया ने कहा, "एचईवी कारों की बिक्री ईवी के करीब पहुंच गई है। हाइब्रिड कार बनाने वाली कंपनियां सरकार से प्रोत्साहन की मांग कर रही है। उनकी दलील है कि हाइब्रिड कार से पेट्रोल-डीजल कारों के मुकाबले प्रदूषण कम फैलता है। हमारे विश्लेषण के मुताबिक लग्जरी हाइब्रिड कार की औसत कॉस्ट 27 लाख रुपये तक घट जाएगी, जबकि सामान्य हाइब्रिड कारों की कीमतों में 2 लाख रुपये तक की कमी आ सकती है।"
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पहली तिमाही में 23,200 यूनिट्स की बिक्री
अगर सरकार हाइब्रिड कारों पर टैक्स में कमी करती है तो इसका फायदा हाइब्रिड और ईवी दोनों कारों को मिल सकता है। भाटिया ने कहा कि इससे ईवी बनाने वाली कंपनियां कस्टमर्स को कम कीमत में अच्छे प्रोडक्ट्स देने की कोशिश करेंगी। इंडस्ट्री के डेटा के मुताबिक, फाइनेंशियल ईयर 2024-25 की पहली तिमाही में हाइब्रिड कारों की बिक्री 23,200 यूनिट्स रही। यह एक साल पहले की समान अवधि की बिक्री के मुकाबले 14,400 यूनिट्स ज्यादा है। साल 2023 में हाइब्रिड कारों की 9,96,614 यूनिट्स बिकी थीं।