Budget 2024-25: सिर्फ पीएम किसान सम्मान निधि का पैसा बढ़ाने से नहीं सुधरेगी कृषि की सेहत, खेती को फायदेमंद बनाने के उपाय करने होंगे

Union Budget: सरकार इस महीने पेश होने वाले बजट में पीएम किसान सम्मान निधि का पैसा बढ़ाने का ऐलान कर सकती है। इससे किसानों को आर्थिक मदद मिलेगी। लेकिन, असल जरूरत कृषि को फायदेमंद बनाने के उपायों की है

अपडेटेड Jul 12, 2024 पर 12:04 PM
Modi 3.0 Budget 2024: इंडिया दुनिया में दलहन का सबसे बड़ा उत्पादाक है। इसके बावजूद पिछले कई सालों से दलहन का इंपोर्ट बढ़ रहा है। इसकी वजह यह है कि दलहन की बुआई क्षेत्र में कमी आई है।

भारत एक कृषि प्रधान देश है। हाल में हुए लोकसभा चुनावों में कई बड़े राज्यों में बीजेपी की हार के बाद किसानों पर फोकस बढ़ रहा है। हाल में किसानों के लिए कई उपायों के ऐलान हुए हैं। महाराष्ट्र सरकार ने किसानों के लिए 14,000 करोड़ रुपये की पावर सब्सिडी का ऐलान किया है। धान की खेती करने वाले किसानों के लिए 1,300 करोड़ रुपये का प्रोत्साहन दिया गया है। दूध उत्पादकों को 200 करोड़ रुपये की सब्सिडी का ऐलान हुआ है।

कर्ज माफी जैसे उपायों से नहीं बढ़ेगी एग्री इनकम

तेलंगाना सरकार ने किसानों का कर्ज माफ करने के लिए एक प्रस्ताव पेश किया है। इसके बाद महाराष्ट्र, झारखंड और पंजाब की सरकारों से भी किसानों ने कर्ज माफ करने की अपील की है। ये उपाय देखने में अच्छे लगते हैं लेकिन ये खेती करने वाले लोगों की आय बढ़ाने के लिहाज से पर्याप्त नहीं हैं। कृषि क्षेत्र का संकट बना हुआ है। ऐसे में इस महीने आने वाले बजट से उम्मीदें बढ़ गई हैं।


किसानों की इनकम दोगुनी करने का टारगेट पूरा नहीं हुआ

पीएम किसान सम्मान निधि स्कीम से किसानों को हर साल 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता मिलती है। फसलों की एमएसपी बढ़ाने से किसानों की इनकम बढ़ाने में मदद मिलती है। हालांकि, किसानों की इनकम दोगुना करने का टारगेट अभी हासिल नहीं हुआ है। इसलिए बजट से ऐसे उपाय की उम्मीद है जो किसानों की इनकम बढ़ाए और उस पर हर साल सरकार को खर्च करने की जरूरत नहीं पड़े।

किसानों की वित्तीय स्थिति ठीक करने के उपाय होने चाहिए

सरकार किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के जरिए सालाना 4 फीसदी इंटरेस्ट पर कर्ज देती है। सरकार हर साल बजट में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिए भी आवंटन करती है। क्रॉप इंश्योरेंस से किसानों को फायदा होता है। लेकिन, कृषि कर्ज माफ करने जैसे उपाय ठीक नहीं हैं। इससे कर्ज देने वाले बैंकों और फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस को नुकसान उठाना पड़ता है। फोकस किसानों की वित्तीय स्थिति ठीक करने पर होना चाहिए। इससे बैंक किसानों को कर्ज देने में संकोच नहीं करेंगे। सरकार 'यस-टेक' का दायरा बढ़ा सकती है। इससे क्रॉप इंश्योरेंस पर खर्च घटाने में मदद मिलेगी।

कृषि में नई टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया जाए

आज भी किसानों को सिंचाई के लिए मानसून पर निर्भर रहना पड़ता है। अभी सिर्फ 50 फीसदी कृषि क्षेत्र को सिंचाई सुविधाओं के दायरे में लाया जा सका है। बजट में सरकार को भंडारण से जुड़ी सुविधाएं बेहतर बनाने के उपाय करने चाहिए। सिंचाई के लिए नए प्रोजेक्ट्स शुरू किए जा सकते हैं। एग्री-सेक्टर में ड्रोन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल बढ़ाने के लिए प्रोग्राम की शुरुआत की जा सकती है।

किसानों को डायवर्सिफिकेशन के लिए प्रोत्साहित किया जाए

इंडिया दुनिया में दलहन का सबसे बड़ा उत्पादक है। इसके बावजूद पिछले कई सालों से दलहन का इंपोर्ट बढ़ रहा है। इसकी वजह यह है कि दलहन की बुआई क्षेत्र में कमी आई है। भारत खाद्य तेल और फलों का भी आयात करता है। इसकी वजह यह है कि अभी किसानों का ज्यादा झुकाव खाद्यान्न उत्पादन पर है। कई तरह के फसलों के उत्पादन को बढ़ावा दिया जाना चाहिए।

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कृषि कमोडिटी के लिए ठोक एक्सपोर्ट पॉलिसी जरूरी

इंडिया चावल, कपास और शुगर का सबसे बड़ा एक्सपोर्टर है। हालांकि, कई बार घरेलू बाजार में सप्लाई बढ़ाने और फूड की कीमतों को बढ़ने से रोकने के रिए सख्त कदम उठाए जाते हैं। सरकार कई कमोडिटीज के एक्सपोर्ट पर रोक लगा देती है। एग्री कमोडिटी का एक्सपोर्ट बहुत अहम है। इससे किसानों की इनकम बढ़ती है। देश को ग्लोबल फूड हब बनाने के लिए सरकार को एक ठोस एक्सपोर्ट पॉलिसी पेश करने की जरूरत है। FY24 में जीडीपी की ग्रोथ 8.2 फीसदी रही। इसके मुकाबले कृषि सेक्टर की ग्रोथ बहुत कम है। इकोनॉमी की ग्रोथ के लिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था की ग्रोथ बढ़ाने की जरूरत है।

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