Budget 2024 : अगले वित्त वर्ष में बढ़ सकता है सब्सिडी पर सरकार का खर्च, जानिए क्या है वजह

Budget 2024 : हर साल कुल सब्सिडी का बड़ा हिस्सा सरकार के फ्री-फूड प्रोग्राम पर खर्च होता है। सरकार किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर किसानों से खाद्यान्न खासकर गेहूं और चावल खरीदती है। यह अनाज आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को मुफ्त या बहुत कम दाम पर दिए जाते हैं। इसके लिए पब्लिक डिस्ट्रिब्यूश सिस्टम (PDS) का इस्तेमाल होता है

अपडेटेड Jan 05, 2024 पर 9:54 AM
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Budget 2024 : सरकार ने नवंबर 2023 में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना (PMGKAY) की अवधि पांच साल के लिए बढ़ा दी है। इस स्कीम के तहत 81 करोड़ लोगों को सरकार फ्री खाद्यान्न देती है। इससे पांच साल के दौरान सरकार को कुल 11.80 लाख करोड़ रुपये खर्च करने पड़ेंगे। इसी तरह सरकार ने उज्जवला योजना पर भी खर्च बढ़ाने का ऐलान किया है।

Budget 2024 : अगले वित्त वर्ष में सब्सिडी पर होने वाला सरकार का खर्च बढ़ सकता है। वित्तमंत्री Nirmala Sitharaman 1 फरवरी को यूनियन बजट 2024 (Union Budget 2024) पेश करेंगी। वह अगले वित्त वर्ष में सब्सिडी पर होने वाले खर्च का अनुमान बताएंगी। एक्सपर्ट्स का कहना है कि केंद्र सरकार की फ्री-फूड स्कीम (PMGKAY) और प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) पर खर्च बढ़ाने से वित्त वर्ष 2024-25 में सब्सिडी पर होने वाला खर्च ज्यादा रहेगा। हर साल कुल सब्सिडी का बड़ा हिस्सा सरकार के फ्री-फूड प्रोग्राम पर खर्च होता है। सरकार किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर किसानों से खाद्यान्न खासकर गेहूं और चावल खरीदती है। यह अनाज आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को मुफ्त या बहुत कम दाम पर दिए जाते हैं। इसके लिए पब्लिक डिस्ट्रिब्यूश सिस्टम (PDS) का इस्तेमाल होता है।

सब्सिडी पर कुल खर्च 4 लाख करोड़ रहने का अनुमान

सरकार का काफी पैसा फर्टिलाइजर्स पर सब्सिडी देने पर भी खर्च होता है। वित्त वर्ष 2023-24 में सब्सिडी पर सरकार का कुल खर्च 4.03 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान लगाया गया था। इससे पहले के वित्त वर्ष यानी 2022-23 में सब्सिडी पर सरकार का कुल खर्च 5.62 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान था। इस वित्त वर्ष में सब्सिडी का बड़ा हिस्सा फूड और फर्टिलाइजर्स पर खर्च हुआ। 1 फरवरी, 2023 को पेश बजट में फूड पर सब्सिडी इस वित्त वर्ष में 1.97 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान जताया गया था। हालांकि, वित्त वर्ष 2022-23 में यह खर्च 2.87 लाख करोड़ रुपये था।


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फर्टिलाइजर्स सब्सिडी पर 1.75 लाख करोड़ का आवंटन

यूनियन बजट 2023 में सरकार ने फर्टिलाइजर्स सब्सिडी के लिए 1.75 लाख करोड़ रुपये का आवंटन किया था। कम कीमत पर रसोई गैस ग्राहकों को उपलब्ध कराने और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को नए गैस कनेक्शंस पर सब्सिडी खर्च के लिए 2,257.09 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे।

पांच साल के लिए बढ़ाई PMGKAY

एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस वित्त वर्ष में फूड सब्सिडी पर होने वाला खर्च बजट में तय लक्ष्य के मुकाबले ज्यादा रहेगा। इसकी वजह यह है कि सरकार ने नवंबर 2023 में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना (PMGKAY) की अवधि पांच साल के लिए बढ़ा दी है। इस स्कीम के तहत 81 करोड़ लोगों को सरकार फ्री खाद्यान्न देती है। इससे पांच साल के दौरान सरकार को कुल 11.80 लाख करोड़ रुपये खर्च करने पड़ेंगे। इसी तरह सरकार ने उज्जवला योजना पर भी खर्च बढ़ाने का ऐलान किया है।

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